MP News: मध्य प्रदेश सरकार का फोकस अब युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर है। उद्योग मंत्री श्री कश्यप ने जानकारी दी कि साल 2024-25 में अब तक मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के ज़रिए 10,352 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही एमएसएमई डेवलपमेंट पॉलिसी 2025, स्टार्टअप पॉलिसी 2025 और इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट रूल्स 2025 को लागू कर दिया गया है। इन नीतियों के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। स्टार्टअप पॉलिसी का लक्ष्य 10,000 डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को मदद देना है जिससे युवा खुद भी कमाई कर रहे हैं और दूसरों को भी रोज़गार दे रहे हैं।
कॉन्क्लेव में दिखा योजनाओं का दम
हाल ही में रतलाम में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री, स्किल और एम्प्लॉयमेंट कॉन्क्लेव में इन योजनाओं की सफलता देखने को मिली। इसमें बताया गया कि वर्ष 2025-26 में अब तक 2.37 लाख से अधिक लोगों को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 2,400 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। इसके अलावा 4 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार योजनाओं के तहत 3,861 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इतना ही नहीं 880 एमएसएमई इकाइयों को भी 269 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

गांव से निकलकर बने मिसाल
पन्ना जिले के गिरवारा गांव निवासी रवि पाठक ने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत 133.83 लाख रुपये का निवेश कर अर्चना राइस मिल शुरू की। इस पर उन्हें 53.53 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिली। रवि ने अपने व्यवसाय से न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया बल्कि गांव के 7 अन्य युवाओं को भी रोज़गार दिया। अब वे गांव में युवाओं को इस योजना के बारे में जानकारी देकर प्रेरित कर रहे हैं। इसी तरह धार जिले के राकेश गहलोत ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से 25 लाख रुपये का ऋण लेकर पेंट और हार्डवेयर की दुकान शुरू की। आज उनका सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक पहुंच गया है और वह अपने इलाके के ‘आइकन’ बन गए हैं।
हर हाथ को काम देने का लक्ष्य
राज्य सरकार का कहना है कि उसका स्पष्ट लक्ष्य है – हर हाथ को काम देना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना। इसके लिए लगातार योजनाएं बनाई जा रही हैं और उन्हें ज़मीन पर उतारा जा रहा है। मंत्री कश्यप का कहना है कि इन योजनाओं से जुड़ी सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि यदि सही मार्गदर्शन और सहयोग मिले तो कोई भी व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है। सरकार अब इस अभियान को और आगे ले जाने के लिए पूरी गंभीरता से प्रयास कर रही है।







