Bobby Darling: बॉलीवुड की दुनिया में कई सितारे ऐसे रहे हैं जिन्होंने प्यार के लिए अपना धर्म या नाम बदला लेकिन बॉबी डार्लिंग की कहानी इन सबसे अलग है। यह सिर्फ त्याग और समर्पण की मिसाल नहीं है बल्कि धोखे और दर्द का एक गहरा घाव भी है। बॉबी डार्लिंग, जिनका असली नाम पंकज शर्मा था, ने अपने बॉयफ्रेंड के लिए अपना जेंडर चेंज करवाया था। उन्होंने खुद को एक पुरुष से महिला में बदल लिया लेकिन उनका प्यार नहीं टिक सका। आज वो एक ट्रांसजेंडर महिला के रूप में जी रही हैं और वर्षों बाद उन्होंने इस विषय पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि ये पूरी प्रक्रिया कितनी लंबी, कठिन और दर्दनाक थी। सर्जरी करीब 5-6 घंटे चली और इसके बाद भी कई महीनों तक दर्द और परिश्रम का सिलसिला चलता रहा।
ऑपरेशन से पहले की तैयारी कैसी होती है
बॉबी डार्लिंग ने इंटरव्यू में बताया कि जेंडर चेंज ऑपरेशन अचानक नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति जुलाई में सर्जरी का प्लान करता है तो सर्जरी जनवरी में होती है। उससे पहले पूरे छह महीने तक हार्मोन थेरेपी दी जाती है। दिन में तीन बार हार्मोन की गोलियां लेनी पड़ती हैं। इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता लेकिन शरीर में धीरे-धीरे बदलाव आने लगते हैं। महिलाओं की तरह शारीरिक अंग विकसित होने लगते हैं। साथ ही कई बार हार्मोन इंजेक्शन भी दिए जाते हैं। जब शरीर ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है तब जाकर जेंडर चेंज की मुख्य सर्जरी की जाती है।
ऑपरेशन के बाद का कठिन संघर्ष
जब उनसे पूछा गया कि ऑपरेशन में कितना समय लगता है तो उन्होंने बताया कि उन्हें सुबह 9 बजे अस्पताल में भर्ती किया गया था और रात 3 बजे ऑपरेशन थियेटर से बाहर आईं। मतलब यह सर्जरी लगभग 5 से 6 घंटे तक चली थी। लेकिन यह अंत नहीं था। बॉबी डार्लिंग ने बताया कि सर्जरी के बाद कुछ और महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं भी होती हैं। ऑपरेशन के बाद उन्हें एक यूरिन बैग के साथ चलना पड़ा। थकान या आराम करने की अनुमति नहीं थी। शरीर को नई स्थिति में ढालने के लिए लगातार चलना जरूरी था। जब तक आप पेशाब करने योग्य नहीं हो जाते तब तक ये प्रक्रिया चलती रहती है। इस समय का दर्द और असहजता कोई भी आम इंसान समझ नहीं सकता।
सर्जरी के लिए बैंकॉक का चुनाव और अंतिम प्रक्रिया
बॉबी ने बताया कि उन्होंने अपनी जेंडर चेंज सर्जरी बैंकॉक में करवाई थी। उन्होंने कहा कि वहां की सर्जरीज़ अब तक बेहद सफल रही हैं और उनका भी अनुभव सकारात्मक रहा। ऑपरेशन के बाद ‘डायलेटेशन’ नाम की एक और प्रक्रिया शुरू होती है जो एक कृत्रिम उपकरण के ज़रिए की जाती है। यह प्रक्रिया छह महीने तक चलती है जिसमें रोज़ एक घंटे का अभ्यास होता है। इसके बिना शरीर को नए बदलावों के साथ ढालना मुश्किल होता है। बॉबी डार्लिंग ने कहा कि इन सभी कठिन प्रक्रियाओं को सहने के बाद ही कोई व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ एक सामान्य जीवन जी सकता है। हालांकि उनका रिश्ता नहीं चला लेकिन आज भी वो अपने चुने हुए जेंडर के साथ गर्व से जीवन जी रही हैं।







