भारत में बनी यूपीआई सेवा अब केवल देश तक सीमित नहीं रही बल्कि अब यह सात देशों में उपलब्ध हो चुकी है। इस सूची में अब संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई का नाम भी जुड़ गया है। इससे पहले भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, सिंगापुर, नेपाल और श्रीलंका जैसे देश यूपीआई को अपना चुके हैं। अब भारत से जाने वाले लोग इन देशों में केवल मोबाइल फोन से पेमेंट कर सकते हैं। न उन्हें कैश की जरूरत है और न ही क्रेडिट कार्ड की। दुबई में भारत के कौंसल जनरल सतीश कुमार सिवन ने कहा कि अब भारतीयों के लिए दुबई का सफर और आसान हो गया है क्योंकि उन्हें केवल मोबाइल फोन साथ रखना है।
NPCI और दुबई की साझेदारी
दुबई में NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड यानी एनआईपीएल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यूपीआई सेवा को लेकर जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यूएई में भारतीय यूपीआई सेवा को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर सतीश कुमार सिवन ने बताया कि एनआईपीएल वहां के बैंकों, पेमेंट प्रोवाइडर्स और बिजनेस हाउसेज के साथ मिलकर यूपीआई सेवा को विस्तार देने में जुटा है। 2024 में करीब 55 लाख भारतीय पर्यटक यूएई पहुंचे थे। ऐसे में यूपीआई और दुबई के ‘आनी’ डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म की साझेदारी एक नई क्रांति लाएगी।

अब पासपोर्ट और मोबाइल ही काफी
यूपीआई और ‘आनी’ के साथ मिलकर अब भारतीय यात्रियों को दुबई में कार्ड या कैश ले जाने की जरूरत नहीं होगी। बस पासपोर्ट और मोबाइल फोन साथ रखना होगा और किसी भी भुगतान के लिए यूपीआई से सीधा भुगतान किया जा सकेगा। यह भुगतान दिरहम, डॉलर या भारतीय रुपये में भी हो सकता है। यह सुविधा खास तौर पर उन भारतीयों के लिए बेहद फायदेमंद होगी जो वहां घूमने या काम के सिलसिले में जाते हैं।
दुबई में तेजी से बढ़ रहा डिजिटल पेमेंट
यूएई की सरकार ने 2026 तक 90 प्रतिशत लेनदेन डिजिटल माध्यम से करने का लक्ष्य रखा है। भारत की तरह वहां भी डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। यूपीआई के जरिए अब छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक में भारतीय यात्री आसानी से भुगतान कर सकेंगे। यह केवल तकनीकी विकास नहीं बल्कि भारत और यूएई के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने वाला कदम है। यह पहल भारतीय तकनीक की वैश्विक पहचान को और ऊंचा कर रही है।







