इंदौर के राजा रघुवंशी हत्या मामले में नई जानकारी सामने आई है। इस हाई-प्रोफाइल केस में प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट डीकेके मिशेल की अदालत ने दो सह-आरोपियों लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहीरवार को जमानत दे दी है। लोकेंद्र सिंह तोमर इस मामले में आठवां आरोपी था जिसे गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों को अदालत ने इस आधार पर जमानत दी कि उनका हत्या में कोई सीधे तौर पर योगदान नहीं था और उनकी भूमिका केवल मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को छुपाने तक सीमित थी।
लोकेंद्र के फ्लैट में छुपी थी सोनम रघुवंशी
लोकेंद्र सिंह तोमर वह व्यक्ति है जिसके फ्लैट में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी हत्या के बाद छुपी हुई थी। यह फ्लैट उस बिल्डिंग में है जहां बलबीर अहीरवार सुरक्षा गार्ड थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनम रघुवंशी 30 मई से 7 जून 2025 तक इसी फ्लैट में छुपी रही। यह फ्लैट शिलॉम जेम्स नाम के व्यक्ति को किराए पर दिया गया था। उस समय बलबीर उस फ्लैट की सुरक्षा कर रहे थे और पूरी गतिविधि से वाकिफ थे। यह खुलासा इस बात का प्रमाण है कि किस तरह सोनम ने खुद को छुपाकर पुलिस की तलाश से बचने की कोशिश की।

अधिवक्ता तुषार चंदा ने बताया जमानत का कारण
सार्वजनिक अभियोजक तुषार चंदा ने बताया कि दोनों सह-आरोपियों पर जो धाराएं दर्ज थीं वे जमानती थीं। साथ ही जांच में उनकी भूमिका केवल संयोगात्मक पाई गई। अदालत को बताया गया कि दोनों ने सिर्फ सोनम को आश्रय दिया और सुरक्षा प्रदान की। इसलिए अदालत ने दोनों को जमानत देने का निर्णय लिया। वहीं, इस मामले के एक और आरोपी शिलॉम जेम्स को 2 जुलाई को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शिलॉम पर हत्या से जुड़े सबूत नष्ट करने का आरोप है। उनका वकील अगली सुनवाई में जमानत याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है।
राजा रघुवंशी हत्या मामला बना देश की चर्चा का विषय
यह मामला 23 मई को मेघालय के सोहरा में तब सामने आया जब राजा रघुवंशी की हत्या उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने की। इस हत्या की वजह और इसके बाद की घटनाएं पूरे देश में चर्चा का विषय बनीं। मामला न्यायालय में चल रहा है और हर दिन सुनवाई में नई जानकारियां सामने आ रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस के चलते सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। लोगों की निगाहें अदालत पर टिकी हैं कि कैसे न्याय होता है और असली दोषियों को सजा मिलती है।







