दिग्गज तेलुगु अभिनेता और पूर्व विधायक कोटा श्रीनिवास राव का रविवार को हैदराबाद में निधन हो गया। वह 83 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उम्र संबंधी बीमारियों के चलते उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। तेलुगु सिनेमा के साथ-साथ तमिल और हिंदी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी जबरदस्त अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी।
राजामौली का फ्यूनरल के बाद फैन पर गुस्सा
कोटा श्रीनिवास राव के अंतिम संस्कार में कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। फिल्मनगगर, जुबली हिल्स स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। निर्देशक एस.एस. राजामौली भी अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, लेकिन जब वो वहां से लौट रहे थे, तो एक फैन ने सेल्फी लेने की कोशिश की। पहले राजामौली ने उसे नजरअंदाज़ किया, लेकिन जब वह फैन बार-बार कोशिश करता रहा, तो राजामौली नाराज़ हो गए और गुस्से में उसकी ओर देखा, मानो समझाने की कोशिश कर रहे हों कि ये समय सेल्फी का नहीं है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में इसे लेकर बहस भी हो रही है।
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चिरंजीवी हुए भावुक, फूल अर्पित कर दी अंतिम श्रद्धांजलि
फ्यूनरल के दौरान साउथ के मेगास्टार चिरंजीवी भी पहुंचे। एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें चिरंजीवी कोटा श्रीनिवास राव की तस्वीर पर फूल अर्पित करते, उनके पार्थिव शरीर के पास खड़े होकर हाथ जोड़कर प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि चिरंजीवी काफी भावुक हो गए थे। उन्होंने कुछ समय उनके परिवार और करीबियों के साथ भी बिताया और उन्हें ढांढस बंधाया। इस मौके पर कई और नामी सितारों ने भी पहुंचकर कोटा श्रीनिवास राव को श्रद्धांजलि दी।
750 से ज़्यादा फिल्मों में किया काम
कोटा श्रीनिवास राव का सिनेमा में योगदान बेहद विशाल रहा है। उन्होंने अपने करियर में 750 से भी ज़्यादा फिल्मों में काम किया, जिनमें तेलुगु, तमिल और हिंदी भाषाओं की फिल्में शामिल हैं। उनका अभिनय हर किरदार में जीवंत होता था — चाहे वो कॉमिक विलेन हो, सख्त राजनेता या फिर दयालु बुज़ुर्ग। साल 1994 से 2004 तक वह विजयवाड़ा ईस्ट से बीजेपी के विधायक भी रहे। उन्हें 2015 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। उनकी मौत से इंडस्ट्री को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई मुश्किल है। आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगी।







