कल्पेश याग्निक सुसाइड केस: फर्जी बेल मामला, सलोनी अरोड़ा और केदार डाबी गिरफ्तार

By: MPLive Team

On: Wednesday, July 16, 2025 9:26 AM

कल्पेश याग्निक सुसाइड केस: फर्जी बेल मामला, सलोनी अरोड़ा और केदार डाबी गिरफ्तार
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वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक आत्महत्या मामले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी ने फर्जी लोन बुक का इस्तेमाल कर जमानत हासिल की थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों – सलोनी अरोरा, केदार डाबी और मधु श्रीवास्तव के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी सलोनी अरोरा और जमानती केदार डाबी को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष बात यह रही कि सलोनी अरोरा को मुंबई से फिर से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर न्यायालय को गुमराह कर जमानत प्राप्त की गई थी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया गया।

कल्पेश याग्निक आत्महत्या और ब्लैकमेलिंग का मामला

डीसीपी (क्राइम) राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार, यह कार्रवाई कल्पेश याग्निक के छोटे भाई नीरज याग्निक (साकेत नगर निवासी) की शिकायत पर की गई। वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक ने वर्ष 2018 में ऑफिस की ऊपरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय संस्था में काम करने वाली सलोनी अरोरा द्वारा कल्पेश याग्निक को ब्लैकमेल किया जा रहा था। ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर कल्पेश याग्निक ने यह कठोर कदम उठाया था। वर्ष 2019 में कोर्ट ने सलोनी अरोरा को सशर्त जमानत दी थी, तब उसकी भाभी डिंपल संजय अरोरा ने उसकी जमानत दी थी। बाद में वर्ष 2021 में डिंपल ने कोर्ट में आवेदन देकर यह जमानत वापस ले ली थी।

कल्पेश याग्निक सुसाइड केस: फर्जी बेल मामला, सलोनी अरोड़ा और केदार डाबी गिरफ्तार

फर्जी जमानती और फर्जी दस्तावेजों का खेल

डिंपल द्वारा जमानत वापस लेने के बाद सलोनी ने अपने वकील की बहन मधु श्रीवास्तव से जमानत ली। कुछ समय बाद मधु ने भी जमानत वापस ले ली, जिसके बाद केदार डाबी (सिमरोल) ने जमानत प्रस्तुत की। इस पर नीरज याग्निक ने लिखित शिकायत दर्ज कराई कि केदार डाबी फर्जी जमानती है और उसने फर्जी रसीदों और लोन बुक का उपयोग कर कई अपराधियों को जमानत दिलवाई है। हैरानी की बात यह रही कि हाईकोर्ट ने भी केदार डाबी को जमानत देने से प्रतिबंधित कर रखा है, फिर भी उसने सलोनी अरोरा के लिए जमानत प्रस्तुत की। एडीसीपी राजेश डंडोतिया के अनुसार, जांच में यह सिद्ध हो गया कि केदार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी थे। केदार के खिलाफ क्राइम ब्रांच में पहले से ही फर्जी जमानत देने का केस दर्ज है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट लिखा था कि केदार भविष्य में किसी भी आपराधिक मामले में जमानती नहीं बन सकता, इसके बावजूद सलोनी ने जानबूझकर उससे जमानत दिलवाई।

तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, सलोनी और केदार गिरफ्तार

मंगलवार को पुलिस ने सलोनी अरोरा (आशीर्वाद अपार्टमेंट, शक्ति नगर, कनाडिया रोड), केदार डाबी (सिमरोल, महू) और मधु श्रीवास्तव (आनंद नगर) के खिलाफ धोखाधड़ी समेत दस धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सलोनी और केदार को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं मधु श्रीवास्तव की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कैसे न्याय व्यवस्था को गुमराह कर आरोपी जमानत लेकर कानून की आंखों में धूल झोंकते हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। कल्पेश याग्निक आत्महत्या प्रकरण में फर्जी दस्तावेजों से जमानत लेने का यह मामला आने वाले समय में न्यायिक प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए मिसाल बनेगा।

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