YouTube ने भारत में लॉन्च किया Hype फ़ीचर, छोटे कंटेंट क्रिएटर्स की हुई मौज!

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YouTube Hype Feature: आप YouTube पर कंटेंट बनाते हैं और अभी तक आपके ज़्यादा सब्सक्राइबर नहीं हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। YouTube ने भारत में अपना नया फ़ीचर Hype लॉन्च किया है, जो ख़ास तौर पर छोटे और नए कंटेंट क्रिएटर्स को ज़्यादा एक्सपोज़र देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

YouTube Hype फ़ीचर क्या है?

Hype एक तरह का डिस्कवरी टूल है जिससे 500 से 5 लाख सब्सक्राइबर वाले क्रिएटर्स को फ़ायदा होगा। इस फ़ीचर की मदद से, यूज़र्स अब न सिर्फ़ किसी वीडियो को लाइक या शेयर कर सकते हैं, बल्कि उसे ‘Hype’ भी कर सकते हैं। यानी, वे अपने पसंदीदा वीडियो को Hype करके ज़्यादा लोगों तक पहुँचने में मदद कर सकते हैं।

YouTube Hype फ़ीचर कैसे काम करता है?

यूज़र्स किसी वीडियो को प्रकाशित करने के 7 दिनों के अंदर Hype कर सकते हैं।

प्रत्येक यूज़र को हर हफ़्ते 3 वीडियो Hype करने की अनुमति होगी।

प्रत्येक Hype वीडियो को कुछ पॉइंट देगा।

सबसे ज़्यादा पॉइंट वाला वीडियो YouTube के एक्सप्लोर सेक्शन में लीडरबोर्ड पर ऊपर जाएगा।

यह लीडरबोर्ड उन टॉप 100 वीडियो को दिखाएगा जिन्हें सबसे ज़्यादा Hype मिला है। इससे वीडियो की विज़िबिलिटी बढ़ेगी और वे ज़्यादा लोगों के होमपेज पर दिखाई देने लगेंगे।

YouTube Hype फ़ीचर से छोटे क्रिएटर्स को मिलेगा ज़्यादा फ़ायदा

YouTube ने यह भी बताया कि कम सब्सक्राइबर वाले क्रिएटर्स को बोनस पॉइंट मिलेंगे। यानी अगर किसी छोटे क्रिएटर के वीडियो को हाइप किया जाता है, तो उसे दूसरों के मुकाबले ज़्यादा स्कोर दिया जाएगा। इसका सीधा फ़ायदा यह होगा कि छोटे क्रिएटर्स को ज़्यादा व्यूज़ और व्यूअर्स मिल पाएँगे।

YouTube Hype फ़ीचर भारत में लाइव हो गया

YouTube ने बताया कि अब यह फ़ीचर भारत के सभी योग्य चैनलों के लिए लाइव है। दर्शकों को ‘Hype’ बटन उन चैनलों पर दिखाई देगा जिनके 500 से कम या 5 लाख से कम सब्सक्राइबर हैं और जिन्होंने नया वीडियो प्रकाशित किया है।

YouTube Hype फ़ीचर ख़ास क्यों है?

यह फ़ीचर उन सभी लोगों को मौका देगा जो अच्छी क्वालिटी का कंटेंट बनाते हैं, लेकिन उनके ज़्यादा व्यूअर्स नहीं हैं। Hype फ़ीचर उन्हें YouTube पर पहचान दिलाने में मदद करेगा।

देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

ऋषि श्रृंगी मुनि की तपोभूमि सिंगरौली की पावन धरा से निकला. पठन-पाठन से प्यार था लिहाजा पत्रकारिता से बेहतर पेशा कोई और लगा नहीं. अखबार से शुरु हुआ सफर टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यम में जारी है. इस दौरान करीब 14 साल गुजर गए पता ही नहीं चला. Read More
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