14 जुलाई को लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ तीसरा टेस्ट जीतकर इंग्लैंड ने सीरीज में 2-1 की बढ़त तो बना ली लेकिन खुशी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। टेस्ट जीतने के दो दिन बाद ही ICC ने इंग्लैंड पर धीमी ओवर गति को लेकर 10 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगा दिया। यही नहीं, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका से इंग्लैंड के दो महत्वपूर्ण अंक भी काट दिए गए।
WTC रैंकिंग में नीचे खिसकी इंग्लैंड की टीम
दो अंकों की कटौती के बाद इंग्लैंड का कुल स्कोर 24 से घटकर 22 रह गया और उसका प्वाइंट परसेंटेज (PCT) भी 66.67% से घटकर 61.11% हो गया। इस बदलाव के बाद इंग्लैंड एक पायदान नीचे फिसलकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं श्रीलंका ने फायदा उठाते हुए इंग्लैंड को पछाड़ कर दूसरे स्थान पर कब्जा कर लिया। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर है और भारत चौथे स्थान पर है।
नियम क्या कहता है ICC का?
ICC के अनुच्छेद 2.22 के अनुसार अगर कोई टीम निर्धारित समय में ओवर पूरे नहीं करती है तो हर एक ओवर के लिए खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। इंग्लैंड की टीम निर्धारित समय से दो ओवर पीछे रह गई थी जिसके चलते 10 प्रतिशत जुर्माना लगा। साथ ही ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अनुच्छेद 16.11.2 के अनुसार प्रत्येक ओवर कम होने पर 1 अंक काटा जाता है।
कप्तान बेन स्टोक्स ने मानी गलती
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इस गलती को स्वीकार कर लिया और ICC की ओर से दिए गए सजा को भी मंजूरी दे दी। इसलिए मामले में कोई औपचारिक सुनवाई नहीं हुई। लेकिन यह इंग्लैंड के लिए एक चेतावनी है क्योंकि पिछली WTC साइकिल में भी इंग्लैंड को धीमी ओवर गति की वजह से 26 अंक का नुकसान उठाना पड़ा था।
पुरानी गलतियों को फिर से दोहराना भारी पड़ सकता है
इंग्लैंड की टीम अगर इसी तरह धीमी ओवर गति से खेलती रही तो आने वाले WTC मुकाबलों में उसे और ज्यादा अंक गंवाने पड़ सकते हैं। यह गलती न केवल अंक तालिका में नीचे ले जाती है बल्कि फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को भी नुकसान पहुंचा सकती है। कप्तान को अब रणनीति में सुधार कर गेंदबाजी की गति पर ध्यान देना होगा।







