सीवर लाइन खोदते समय भूस्खलन होने से दो मजदूर दबे, 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों के शव बरामद

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Shahdol News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1 में एक दुखद घटना घटी, जहाँ सीवर लाइन खोदते समय भूस्खलन होने से दो मजदूर दब गए। बचाव दल ने करीब 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों के शव बरामद किए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल है।

15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों के शव बरामद

जानकारी के अनुसार, गुजरात की एक निजी कंपनी शहर में सीवर लाइन बिछा रही थी। पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था, तभी अचानक जमीन धंस गई और कोटमा निवासी मुकेश बैगा (40) और महिपाल बैगा (33) नामक दो मजदूर उसमें फंस गए।

घटना के तुरंत बाद, एक मजदूर को बचाने के लिए करीब 5 घंटे तक बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन वह मृत पाया गया। वहीं, दूसरे मजदूर की तलाश में रात भर राहत कार्य जारी रहा और करीब 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह पोकलेन मशीन से खुदाई करके उसका शव भी मलबे से बरामद कर लिया गया।

सीवर लाइन का काम बेहद लापरवाही से किया जा रहा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन का काम बेहद लापरवाही से किया जा रहा है और तकनीकी सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जा रही है। गुजरात स्थित कंपनी ने मज़दूरों की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा, खुदाई के दौरान कोई सुरक्षा बैरियर या सपोर्ट सिस्टम नहीं लगाया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

घटना के तुरंत बाद पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। हादसे में मारे गए मज़दूर बेहद गरीब परिवारों से थे और दिहाड़ी मज़दूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। घटना के बाद उनके घरों में कोहराम मच गया है।

प्रशासन और ठेकेदार पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने इस हादसे को प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि लगातार बारिश के बावजूद खुदाई का काम नहीं रोका गया और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। अगर समय रहते उचित कदम उठाए गए होते, तो इन मज़दूरों की जान बच सकती थी।

देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

ऋषि श्रृंगी मुनि की तपोभूमि सिंगरौली की पावन धरा से निकला. पठन-पाठन से प्यार था लिहाजा पत्रकारिता से बेहतर पेशा कोई और लगा नहीं. अखबार से शुरु हुआ सफर टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यम में जारी है. इस दौरान करीब 14 साल गुजर गए पता ही नहीं चला. Read More
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