सोमवार सुबह 7:30 बजे गिफ्ट निफ्टी में 8.50 अंकों यानी 0.03% की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,013 पर कारोबार कर रहा है। यह संकेत देता है कि आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है। हालांकि, एशियाई बाजारों की स्थिति सकारात्मक बनी हुई है, जिससे निवेशकों को कुछ हद तक सहारा मिल सकता है।
वैश्विक संकेतों और घरेलू कारकों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। बाजार की चाल इस बात पर भी निर्भर करेगी कि प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निवेशक कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करेंगी।
एशियाई बाजारों में तेजी, निक्केई और SSE कंपोजिट बंद
आज जापान का निक्केई और चीन का SSE कंपोजिट इंडेक्स बंद है, लेकिन अन्य एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 18.65 अंकों यानी 0.58% की तेजी के साथ 3206.72 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग 102.06 अंकों यानी 0.41% की तेजी के साथ 24,927.72 पर पहुंच गया है।
इस तेजी से संकेत मिलता है कि वैश्विक बाजारों में निवेशकों का मनोबल मजबूत बना हुआ है, जिससे भारतीय बाजार को भी समर्थन मिल सकता है। हालांकि, गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी यह दर्शा रही है कि घरेलू बाजार में आज सतर्कता के साथ शुरुआत हो सकती है, खासकर जब निवेशक तिमाही नतीजों और अन्य आर्थिक संकेतकों का इंतजार कर रहे हैं।

रिलायंस, HDFC बैंक और ICICI बैंक के नतीजों पर रहेगी नजर
सोमवार को शुरुआती कारोबार में निवेशकों की नजर तीन बड़ी कंपनियों के नतीजों पर रहेगी, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों से बाजार की दिशा तय होने में मदद मिलेगी, क्योंकि ये कंपनियां भारतीय शेयर बाजार में भारी वजन रखती हैं।
इसके अलावा, आज इन्फोसिस, डॉ. रेड्डी लैबोरेटरीज, बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया और सिप्ला जैसी कई बड़ी कंपनियां भी अपने तिमाही नतीजे घोषित करने वाली हैं। इन कंपनियों के नतीजे निवेशकों के लिए संकेत देंगे कि किन क्षेत्रों में मजबूती है और आगे निवेश का माहौल कैसा रहने वाला है।
वैश्विक कारकों और रुपये की चाल पर भी रहेगी नजर
वैश्विक संकेतों के साथ-साथ निवेशक आज व्यापार समझौतों, एफआईआई निवेश और रुपये की चाल पर भी नजर बनाए रखेंगे। इसके अलावा, चीन के सेंट्रल बैंक (पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना) ने बेंचमार्क लोन रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया है। 1 साल का लोन प्राइम रेट (LPR) 3.0% और 5 साल का LPR 3.5% पर स्थिर रखा गया है।
चीन में ब्याज दरें स्थिर रहने से वैश्विक बाजारों में स्थिरता का संकेत मिला है। यदि रुपये में मजबूती आती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय बाजार में मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं, रुपये में कमजोरी और एफआईआई की बिकवाली बाजार पर दबाव बना सकती है।







