Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सभी राजनीतिक दल पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। अनुमान है कि वोटिंग अक्टूबर के आखिरी सप्ताह या नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है। चुनाव आयोग अक्टूबर में तारीखों की घोषणा करेगा और नतीजे 10 से 12 नवंबर के बीच आ सकते हैं। तब ही यह तय होगा कि बिहार की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
जातिवाद से ऊपर उठने की बात
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जनता से अपील करते हुए कहा कि बिहार के लोग खुद तय करें कि वे सत्ता की चाबी किसे देना चाहते हैं। उन्होंने जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर की तारीफ की और कहा कि वह बिहार की दशा और दिशा सुधारने के लिए जातिवाद से ऊपर उठकर राजनीति कर रहे हैं। चिराग ने कहा कि ऐसे हर शख्स की सोच की सराहना होनी चाहिए जो बिहार और बिहारी की भलाई के लिए राजनीति में आना चाहता है।
‘बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट’ बनाम जातिवादी सोच
चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि जनता के पास कई विकल्प होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उस विचारधारा को चुनें जो उन्हें प्रभावित करती है। अगर ‘बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट’ की सोच पसंद है तो उसे चुनें। वहीं अगर कोई जातिवाद और सांप्रदायिकता की विचारधारा से जुड़ा है तो उसकी जिम्मेदारी भी जनता की है। चिराग ने साफ कहा कि अगर मेरी ‘MY’ यानी महिलाओं और युवाओं के विकास की नीति पसंद है तो मेरे साथ आएं।
RJD के MY समीकरण पर तंज
MY समीकरण यानी मुस्लिम-यादव, जिसे RJD का वोट बैंक माना जाता है, उस पर भी चिराग ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा बिहार को आगे नहीं ले जा सकती। उन्होंने कहा कि अब जनता को तय करना होगा कि उन्हें जाति-धर्म की राजनीति चाहिए या विकास की सोच वाली राजनीति।
वोटर लिस्ट पर भी राजनीति
बिहार में वोटर लिस्ट की विशेष जांच पर भी चिराग पासवान ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद खुद विपक्ष ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने बिहार में विशेष संशोधन अभियान शुरू किया है ताकि कोई अपात्र व्यक्ति मतदान न कर सके। लेकिन अब विपक्ष इसी प्रक्रिया पर आपत्ति जता रहा है जो दोहरा रवैया है।







