बीरभूम जिले में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और विभिन्न राष्ट्रीय आयोगों पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बंगाल में कोई मामूली घटना भी होती है तो तुरंत कार्रवाई की जाती है लेकिन जब बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासियों के साथ गंभीर अत्याचार होते हैं तो सब चुप रहते हैं। ममता ने सवाल उठाया कि क्या इन आयोगों की जिम्मेदारी केवल बंगाल तक ही सीमित है।
प्रवासियों से ममता की अपील: लौट आओ बंगाल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाहर काम कर रहे बंगाली प्रवासी मजदूरों से अपील की कि वे अपने राज्य लौट आएं। उन्होंने कहा कि अब बंगाल में रोजगार की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार हर संभव सहायता देने को तैयार है। ममता ने यह भी कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में प्रवासी बंगालियों पर हो रहे हमले चिंता का विषय हैं और ऐसे में उन्हें वापस अपने घर आ जाना चाहिए।

सुवेंदु अधिकारी का आरोप: ममता ने पोस्ट किया फेक वीडियो
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा एक बंगाली महिला और उसके बच्चे को पीटने का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। सुवेंदु का दावा है कि यह वीडियो भ्रामक है और ममता बनर्जी ने इसे जानबूझकर लोगों को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जाए।
सौम्येन्दु अधिकारी ने दिल्ली साइबर पुलिस में की शिकायत
सुवेंदु अधिकारी के छोटे भाई और कंथी से लोकसभा सांसद सौम्येन्दु अधिकारी ने इस मामले में ममता बनर्जी के खिलाफ दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम थाना में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक संवैधानिक पद पर बैठी मुख्यमंत्री द्वारा फर्जी वीडियो पोस्ट करना बेहद गंभीर अपराध है। उनका कहना है कि इससे देशभर में सांप्रदायिक तनाव भड़क सकता था।
राजनीतिक घमासान हुआ तेज
इस पूरे विवाद ने पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच पहले से ही चल रहे राजनीतिक संघर्ष को और तेज कर दिया है। जहां ममता बनर्जी केंद्र की चुप्पी पर सवाल उठा रही हैं वहीं बीजेपी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है। दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है और अब इस मामले में कानून क्या रुख अपनाता है इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।







