रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्लीवासियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने रोहिणी में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली सेक्शन और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) शामिल है। इन योजनाओं का मकसद दिल्ली और एनसीआर में जाम कम करना और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
यूईआर-2 की खासियत
प्रधानमंत्री ने 76 किलोमीटर लंबे यूईआर-2 का उद्घाटन किया जिसे दिल्ली का तीसरा रिंग रोड माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 6,445 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसे पांच पैकेज में बनाया गया है जिनमें से चार का आज उद्घाटन किया गया। यह सड़क महिपालपुर से अलीपुर को जोड़ते हुए पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली को जाम से राहत देगी।

द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली हिस्सा
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने 29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे का भी उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट का सबसे खास हिस्सा 10.1 किलोमीटर का दिल्ली सेक्शन है जिसमें 5.1 किलोमीटर लंबी टनल बनाई गई है। यह टनल सीधे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ती है जिससे नोएडा और गुरुग्राम से एयरपोर्ट तक का सफर आसान और तेज होगा।
बड़े फायदे और टिकाऊ निर्माण
यह नई सड़कें दिल्ली के रिंग रोड, एनएच-48, एनएच-44 और बारापुला कॉरिडोर पर दबाव को कम करेंगी। इसके साथ ही यूईआर-2 का निर्माण दिल्ली की लैंडफिल साइट से निकाले गए लगभग 10 लाख मीट्रिक टन वेस्ट मटीरियल से किया गया है। यह इसे टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट बनाता है। साथ ही यह सड़क दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और एनसीआर के अन्य हाईवे से भी जुड़ जाएगी।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
इन परियोजनाओं के पूरी तरह शुरू होने के बाद दिल्ली-गुरुग्राम रूट पर जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी। पश्चिमी दिल्ली और आसपास के एनसीआर से आने-जाने वालों के लिए सफर काफी आसान होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि ये पहल पीएम मोदी की उस सोच को दर्शाती है जिसमें वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाया जा सके।







