मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही शिक्षक दो अलग-अलग राज्यों के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते हुए पकड़ा गया है। इस शिक्षक का नाम राजेश कुमार वैश्य है, जो समाज विज्ञान (सोशल साइंस) के शिक्षक हैं। राजेश एक ओर मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के मकरोहर सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के बिहारपुर स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय में भी पढ़ा रहे हैं। यह खेल वह नवंबर 2022 से लगातार कर रहे थे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
दोनों राज्यों का निवास प्रमाण पत्र बनवाया
इस पूरे मामले की जड़ में है मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा हुआ इलाका। सिंगरौली जिले का मकरोहर गांव मध्यप्रदेश का आख़िरी गाँव है, जिसकी सीमा बिहारपुर (छत्तीसगढ़) से मिलती है। दोनों इलाकों के बीच इतनी नज़दीकी है कि लोग रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए आसानी से एक राज्य से दूसरे राज्य चले जाते हैं। मास्टर जी ने इसी का फायदा उठाया और मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों के निवास प्रमाण पत्र बनवा लिए। इस प्रमाण पत्र के आधार पर उन्होंने दोनों राज्यों में सरकारी नौकरी हासिल कर ली और आराम से दोनों जगह वेतन भी उठा रहे थे।

उपस्थिति दर्ज कराने का अनोखा खेल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजेश दोनों स्कूलों में एक साथ पढ़ाते कैसे थे और उनकी उपस्थिति कैसे दर्ज होती थी? जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के मकरोहर स्कूल का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक है। वहीं छत्तीसगढ़ के आत्मानंद स्कूल में दो शिफ्ट होती हैं, जिनमें पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से 11:45 बजे तक चलती है। ऐसे में राजेश पहले बिहारपुर के स्कूल में सुबह पढ़ाते और वहां उपस्थिति दर्ज कराते, इसके बाद सीधे मकरोहर स्कूल पहुँच जाते और वहां भी नियमित तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर लेते। इस तरह वे दोनों स्कूलों में नौकरी का लाभ उठा रहे थे।
प्रशासन की चुप्पी और अब उठते सवाल
यह मामला सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग और प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह कैसे संभव हुआ कि एक ही व्यक्ति दो राज्यों में एक साथ नौकरी करता रहा और विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल मास्टर जी की चालाकी नहीं, बल्कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही का भी नतीजा है। फिलहाल मामला उजागर होने के बाद जांच की तैयारी की जा रही है। अगर आरोप सही पाए गए तो मास्टर जी की नौकरी पर गाज गिर सकती है और अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।







