सोमवार, 18 अगस्त को उज्जैन में राजाधिराज बाबा महाकाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश और प्रदेशवासियों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी और बाबा महाकाल से प्रदेशवासियों के कल्याण और मंगलकारी जीवन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि भाद्रपद के दो सोमवार को महाकाल की यह अंतिम राजाधिराज शोभायात्रा निकाली गई।
भव्य व्यवस्थाओं और फूलों की वर्षा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस भव्य शोभायात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं। बाबा की पालकी पर फूलों की वर्षा की गई और सुरक्षा के लिए सशस्त्र बलों की तैनाती की गई। मुख्यमंत्री खुद भी यात्रा में शामिल होकर डमरू और झांझ बजाते हुए शोभायात्रा का मार्गदर्शन किया। इस दौरान सभी भक्तगण उत्साह और भक्ति में लीन नजर आए।

महाकाल के छह रूपों में दर्शन
शोभायात्रा में भगवान महाकाल ने अपने भक्तों को छह अलग-अलग रूपों में दर्शन दिए। इन रूपों में श्री चंद्रमौलेश्वर, श्री मनमोहन, श्री शिवतांडव, श्री उमा-महेश, श्री होलकर राज्य मुखर्विंद और श्री सप्तधन मुखर्विंद शामिल थे। पालकी यात्रा के दौरान रामघाट पर क़ीपरा जल अर्पित कर महाकाल का पूजन किया गया।
भजन मंडलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झांकी
इस शोभायात्रा में प्रदेश के विभिन्न शहरों के 70 भजन मंडलों ने भाग लिया। साथ ही शहर के संत, गणमान्य व्यक्ति, पुलिस बैंड और नगरसेवक भी यात्रा में उपस्थित रहे। सांस्कृतिक विभाग के माध्यम से जनजातीय और लोक कलाकारों ने ढुलिया, गरुड़, दांडा और कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर शोभायात्रा को और आकर्षक बनाया।
मुख्यमंत्री ने किया भोजन वितरण
भव्य यात्रा के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरिफाटक ब्रिज के पास देश भर से आए भक्तों के लिए आयोजित भोजन वितरण में भाग लिया। उन्होंने स्वयं भक्तों को भोजन दिया और उनकी सेवा में जुटे कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया। इस आयोजन से भक्तों में प्रसन्नता और संतोष का माहौल देखने को मिला।







