MP Breaking News: ड्रग तस्करी और बलात्कार के मामलों में गिरफ्तार शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन की अवैध ज़मीन को ध्वस्त करने के बाद, प्रशासन ने अब परिवार की अन्य अवैध ज़मीनों की जाँच शुरू कर दी है। गुरुवार को ध्वस्त की गई आलीशान ज़मीन से निकला निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट) निगम के प्रोसेसिंग प्लांट में भेजा जाएगा। यहाँ इस मलबे से ईंटें और टाइलें बनाई जाएँगी। इस कचरे का इस्तेमाल जलभराव वाले इलाकों में भी किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, हवेली से निकले मलबे की मात्रा का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा, उन अन्य जगहों का भी सर्वेक्षण किया जाएगा जहाँ 30 जुलाई को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। एक रिपोर्ट तैयार कर निगम को सौंपी जाएगी। निगम के प्लांट में सी एंड डी वेस्ट को अलग करने के लिए मशीनें लगाई गई हैं।वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मछली परिवार के घर के बगल में बने मदरसे को गिराने की अपील की है।
भोपाल के कोकता हथाईखेड़ा में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई
अवैध निर्माण को किया गया ,ध्वस्त@CMMadhyaPradesh @JansamparkMP @mohdept #भोपाल pic.twitter.com/sZCUpdWq5P
— Collector Bhopal (@CollectorBhopal) August 21, 2025
सरकारी ज़मीन पर अवैध मदरसा
उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा – ग्रीन बेल्ट की सरकारी जमीन पर अवैध मदरसा बनाया गया है। मदरसे में दूसरे राज्यों से बच्चों को लाकर कट्टरवादी तालीम दी जाती है।
यासीन मछली की ज़मानत खारिज
बता दें कि अदालत ने ड्रग मामले के मुख्य आरोपी यासीन मछली की ज़मानत खारिज कर दी है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस मुकेश मलिक ने सुनाया। अदालत ने कहा – यासीन मछली के फरार होने की संभावना है, इसलिए ज़मानत नहीं दी जा सकती।
खंडहरों से ईंटें और टाइलें बनाई जाएँगी
प्रशासन मछलियाँ परिवार (शारिक) की आलीशान हवेली के खंडहरों से ईंटें और टाइलें बनवाएगा। तीन मंजिला बंगले से निकलने वाले सी एंड डी कचरे का आकलन किया जा रहा है। पाँच हज़ार वर्ग फुट ज़मीन पर एक अवैध बंगला बनाया गया था।







