जम्मू कश्मीर के कई जिलों में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। इस बारिश ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है। डोडा, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी, रामबन और पुंछ जैसे जिलों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अब तक वैष्णो देवी यात्रा पर गए 30 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई गाँव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। लगातार हो रही बारिश से नदियाँ उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है। सबसे भयावह स्थिति तावी नदी की बताई जा रही है, जिसने आसपास के क्षेत्रों में व्यापक विनाश किया है। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस-प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
तावी नदी पर बना पुल ढहा, लोगों में अफरातफरी
मंगलवार को जम्मू की तावी नदी पर बना एक पुल अचानक ढह गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। यह हादसा उस समय हुआ जब कई वाहन पुल से गुजर रहे थे। सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भारी बारिश के बीच लोग तेजी से पुल पार करने की कोशिश कर रहे थे और अचानक पुल ध्वस्त हो गया। कई वाहन पुल के ध्वस्त हिस्से में फंस गए, वहीं लोग अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों से उतरकर भागते नजर आए। हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी और आसपास के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। बताया जा रहा है कि तावी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है, जिसके चलते यह दुर्घटना घटी।

डोडा जिले में चार लोगों की मौत, ऊँचाई वाले इलाकों में तबाही
लगातार बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं ने डोडा जिले को सबसे अधिक प्रभावित किया है। मंगलवार को ही चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई। इनमें से तीन लोग नदी किनारे फिसलकर बहाव में बह गए, जबकि एक व्यक्ति घर ढहने से मारा गया। इसके अलावा, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी, रामबन और पुंछ जैसे पहाड़ी जिलों में भीषण नुकसान दर्ज किया गया है। कई मकान ध्वस्त हो गए, सड़कों पर भूस्खलन हुआ और गाँवों का संपर्क टूट गया। खेतों में खड़ी फसलें पानी में बह गईं और स्थानीय लोग बेघर होकर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हो गए।
स्थिति गंभीर, सीएम ने की आपात बैठक
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने हालात को गंभीर बताते हुए आपात बैठक बुलाई। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। साथ ही, राहत और बचाव कार्य को तेज करने पर जोर दिया। सीएम ने आश्वासन दिया कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सेना और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। फिलहाल, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। हालात यह दर्शाते हैं कि अगर बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो नुकसान और भी बढ़ सकता है।







