Rewa Breaking News: मध्य प्रदेश के रीवा ज़िले से एक हैरान कर देने वाला नज़ारा सामने आया है। यहाँ एक गाँव की महिलाएँ और बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। यहाँ के लोगों ने बांस और बल्लियों का इस्तेमाल करके अपने हाथों से एक पुल बनाया है। वायरल हुए एक वीडियो में एक महिला डरी-सहमी, हाथ में चाय पकड़े हुए धीरे-धीरे पुल पार करती हुई दिखाई दे रही है।
जानिए पूरा मामला
दरअसल, पूरा मामला रीवा ज़िले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के रावली टोला मुसेलहर का है। जहाँ ग्रामीण लंबे समय से सड़क और पुलिया निर्माण की माँग कर रहे हैं, लेकिन सब कुछ कागज़ों और कलमों में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। नदी पार करने के लिए लोगों ने खुद ही इस पुल का निर्माण किया है। यहाँ के लोग इसे मौत का कुआँ कहते हैं। ग्रामीण इस पुल को पार करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है।
वैकल्पिक रास्ता निकाला जाएगा – कलेक्टर
ग्राम पंचायत द्वारा रावली टोला मुसेलहर की यह तस्वीर विकास की माँग की सच्चाई उजागर करने के लिए काफ़ी है। यह इस इलाके के लोगों के लिए आवागमन का साधन है। जहाँ गरीब मज़दूर और ग्रामीण रोज़ाना इस खतरनाक रास्ते से अपनी जान जोखिम में डालकर सफ़र करने को मजबूर हैं। वहाँ एक ग्राम पंचायत है, लाखों-करोड़ों रुपए आते हैं, लेकिन जाते कहाँ हैं? गाँव में किसी को इसकी जानकारी नहीं है।
उधर, कलेक्टर रीवा का कहना है कि हम जाँच कर रहे हैं। समस्या क्या है? क्या इस रास्ते के अलावा इस गाँव तक पहुँचने का कोई और रास्ता है, या यही एकमात्र रास्ता है?







