प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को टोक्यो, जापान पहुंच गए। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी दो दिन के दौरे पर जापान आए हैं, जहां वे जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के निमंत्रण पर 15वें इंडिया-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ ने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में चुनौतियां पैदा की हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की जापानी प्रधानमंत्री से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरे के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत-जापान संबंधों को मजबूत बनाने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा वैश्विक आर्थिक एवं राजनीतिक परिदृश्य में भारत की रणनीतिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
जापानी उद्योगपतियों और नेताओं से बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी जापानी उद्योगपतियों और राजनीतिक नेताओं से भी टोक्यो में मुलाकात करेंगे। इस दौरे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ से भारत-यूएस संबंधों में तनाव उत्पन्न हो गया है। जापानी उद्योगपतियों और राजनीतिक नेताओं से बातचीत के दौरान भारत और जापान के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग, रक्षा और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
जापान दौरे के बाद चीन यात्रा
जापान दौरे के समापन के बाद शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी चीन के लिए रवाना होंगे। वहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें राज्य प्रमुखों के परिषद की बैठक में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा से पहले X पर लिखा कि मुझे पूरा विश्वास है कि जापान और चीन की मेरी यात्रा हमारे राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएगी तथा क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास को प्रोत्साहित करने में उपयोगी सहयोग स्थापित करेगी।







