Jagdeep Dhankhar: 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले धनखड़ को आवास खाली करना होगा

By: MPLive Team

On: Sunday, August 31, 2025 12:38 PM

Jagdeep Dhankhar: 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले धनखड़ को आवास खाली करना होगा
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देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इन दिनों अपने आवास को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने उपराष्ट्रपति पद का कार्यकाल पूरा करने के बाद दिल्ली के चर्च रोड स्थित सरकारी निवास खाली करने की तैयारी कर ली है। हालांकि अब तक उन्हें पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर जो सरकारी आवास मिलना चाहिए था वह नहीं मिल पाया है। ऐसे में उन्होंने अस्थायी रूप से दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव स्थित निजी आवास में रहने का फैसला किया है। यह स्थिति इसलिए भी खास है क्योंकि नियमों के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को टाइप-8 बंगला आवंटित किया जाता है। लेकिन अभी तक मंत्रालय और संबंधित विभाग ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

पेंशन को लेकर नई पहल

जगदीप धनखड़ ने हाल ही में राजस्थान विधानसभा में अपनी पेंशन के लिए आवेदन किया है। यह पेंशन उन्हें बतौर पूर्व विधायक मिलने वाली है। दरअसल धनखड़ कांग्रेस के टिकट पर राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे हैं। उपराष्ट्रपति बनने के बाद उनकी यह पेंशन बंद हो गई थी। लेकिन अब वह फिर से इस सुविधा के हकदार होंगे। राजस्थान में यह नियम है कि कोई व्यक्ति यदि विधायक रहने के बाद सांसद या मंत्री भी बनता है तो उसे हर पद की अलग-अलग पेंशन मिलती है। इस हिसाब से धनखड़ भी इस पेंशन के योग्य हैं। यह कदम उनके निजी जीवन और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Jagdeep Dhankhar: 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले धनखड़ को आवास खाली करना होगा

इस्तीफा और आवास की दुविधा

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए यह जिम्मेदारी छोड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले उन्हें आधिकारिक आवास छोड़ना पड़ा। अप्रैल 2024 में वे उपराष्ट्रपति आवास में शिफ्ट हुए थे। लेकिन अब तक उन्हें पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर नया आवास आवंटित नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक यह प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम तीन महीने का समय लगता है क्योंकि इसमें चयन, प्रस्ताव और फिर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा संशोधन जैसे काम शामिल होते हैं। लेकिन इस दिशा में अभी कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।

मंत्रालय और प्रक्रिया पर सवाल

आवास मंत्रालय और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ से मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उनके आवास के विषय पर कोई गंभीर चर्चा नहीं हुई। उनके कार्यालय की ओर से नियमों के तहत औपचारिक आवेदन भेजा जा चुका है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति को कई विकल्प दिए जाते हैं और फिर उनकी पसंद के अनुसार प्रक्रिया शुरू की जाती है। इस प्रक्रिया में संशोधन और मरम्मत का काम भी शामिल होता है। लेकिन अब तक यह मामला ठंडे बस्ते में ही पड़ा है। यही कारण है कि जगदीप धनखड़ ने निजी निवास को फिलहाल का विकल्प चुना है। उनके इस कदम ने सरकार की कार्यप्रणाली और पूर्व शीर्ष पदाधिकारियों के साथ बरते जाने वाले व्यवहार पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं

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