मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वच्छता से ही समृद्धि आती है। स्वच्छता हमारी परंपरा, दिनचर्या और अनुष्ठानों का हिस्सा रही है, लेकिन समय के साथ हम इसे भूलते गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन आदतों और परंपराओं को पुनर्जीवित कर स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में आयोजित स्वच्छता कर्मवीरों के सम्मान एवं सामूहिक भोजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इंदौर ने लगातार आठवीं बार देश में स्वच्छता में पहला स्थान प्राप्त कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इसके लिए इंदौर के 36 लाख नागरिकों और विशेष रूप से स्वच्छता कर्मवीरों को बधाई के पात्र बताया।
स्वच्छता कर्मवीरों के साथ भोजन और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता कर्मवीरों का सम्मान किया और उनके साथ भोजन किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मवीरों ने अपने परिश्रम, निष्ठा, सेवा और समर्पण से इंदौर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। इन्हें वास्तविक अर्थों में सम्मान मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “स्वच्छता का महागुरु” लोगो भी जारी किया और सफाई के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को पुरस्कृत किया। इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले जीरो वेस्ट जू (प्राणी संग्रहालय) का उद्घाटन भी किया।

इंदौर को मिली 50 नई इलेक्ट्रिक बसें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत से 50 नई इलेक्ट्रिक बसों का लोकार्पण किया। कुल 150 बसों में से यह पहली खेप है। इन बसों में डिजिटल पेमेंट सिस्टम, जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी। मुख्यमंत्री ने स्वयं बस में यात्रा कर सुरक्षा इंतजाम देखे और यात्रियों के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई मार्ग के तेजी से विस्तार के कारण इंदौर की कनेक्टिविटी पूरे देश से मजबूत हो रही है।
रणजीत हनुमान मंदिर पुनर्विकास का भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर के पुनर्विकास कार्यों का वर्चुअल भूमि पूजन वेदिक मंत्रोच्चारण के बीच किया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और जीवन के हर क्षेत्र में विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। इस परियोजना पर 7 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसके अंतर्गत भव्य प्रवेश द्वार, शेड, बाउंड्री वॉल, पाथवे और उद्यान विकसित किए जाएंगे। मंदिर का वर्तमान स्वरूप बरकरार रखा जाएगा। यह कार्य मंदिर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यामित्र भार्गव, विधायक, निगम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।







