मध्य प्रदेश में टमाटर ट्रक से 6 करोड़ की चरस जब्त, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

By: देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

On: Saturday, September 6, 2025 11:15 AM

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मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ड्रग्स की एक बड़ी खेप जब्त की गई है। एक तस्कर टमाटर से भरे ट्रक में 6 करोड़ रुपये कीमत का ड्रग्स (चरस) ले जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

टमाटर की आड़ में ड्रग्स की सप्लाई

दरअसल, देहात थाना पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। उन्हें सूचना मिली थी कि टमाटर की आड़ में एक ट्रक में ड्रग्स की खेप ले जाई जा रही है। जिसके आधार पर पुलिस ने कोटा-झांसी हाईवे पर ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली तो करीब 30 किलो गांजा बरामद हुआ। जिसकी कीमत करीब 6.2 करोड़ रुपये है। पुलिस ने कोलारस निवासी आरोपी संदीप सरदार को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा उठाए गए सबसे बड़े कदमों में से एक

शिवपुरी के एसपी अमन सिंह राठौर ने बताया कि उत्तर प्रदेश का आरोपी मोहन ठाकुर संदीप को गांजा सप्लाई करता था। जिसे वह आगे सप्लाई करता था। मोहन यहां टमाटर लाता था और उसकी आड़ में ड्रग्स सप्लाई की जाती थी। यह मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा उठाए गए सबसे बड़े कदमों में से एक है। आरोपी को पहले ही एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। जेल में रहते हुए वह अन्य तस्करों के संपर्क में आया और बाहर आने के बाद फिर से काम करने लगा।

ड्रग्स बेचने के लिए राजस्थान ले जा रहा था

उन्होंने बताया कि आरोपी इसे बेचने के लिए राजस्थान ले जा रहा था। लेकिन आशंका है कि उसका एक से ज़्यादा ज़िलों में नेटवर्क है। आरोपी ने NDPS तस्करी से काफ़ी संपत्ति बनाई है। उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। इस साल हमने 10 करोड़ रुपये की ड्रग्स ज़ब्त की है। आरोपी के ख़िलाफ़ 6 अपराध दर्ज हैं। इनमें से 5 कोलारस थाने में और 1 गुना में ड्रग्स तस्करी का मामला दर्ज है।

ड्रग्स की यह खेप नेपाल से लाई गई

बताया जा रहा है कि ड्रग्स की यह खेप नेपाल से लाई गई थी। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर नेपाल और अन्य जगहों पर उसके कनेक्शन खंगालेगी। बताया जा रहा है कि आरोपी संदीप को स्थानीय नेताओं का आश्रय मिला हुआ था, जिसकी वजह से वह ये काम कर रहा था।

देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

ऋषि श्रृंगी मुनि की तपोभूमि सिंगरौली की पावन धरा से निकला. पठन-पाठन से प्यार था लिहाजा पत्रकारिता से बेहतर पेशा कोई और लगा नहीं. अखबार से शुरु हुआ सफर टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यम में जारी है. इस दौरान करीब 14 साल गुजर गए पता ही नहीं चला. Read More
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