महाराष्ट्र के नागपुर में रविवार रात एक 130 साल पुरानी दीवार अचानक गिर गई। यह घटना रात 11:19 बजे एंप्रेस मिल इलाके में हुई। सौभाग्य से, पास से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालक narrowly बच गए। दीवार गिरने के कारण पास खड़ी चार कारें क्षतिग्रस्त हो गईं, लेकिन इनमें कोई भी व्यक्ति नहीं था। इस घटना का पूरा वीडियो पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि लोग दोपहिया वाहन पर जा रहे हैं और अचानक दीवार ढह जाती है।
एंप्रेस मिल क्षेत्र में हादसे का भय
यह बड़ी घटना एंप्रेस मिल क्षेत्र में हुई, जहां दीवार गिरकर मारवाड़ी चॉल पर आ गिरी। चार से पांच कारें दीवार के नीचे दब गईं, जिससे क्षेत्र में डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। दोपहिया चालक की समय पर सतर्कता के कारण कोई भी घायल नहीं हुआ। पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सीसीटीवी फुटेज ने इस हादसे की गंभीरता को दिखाया है और प्रशासन के लिए चेतावनी का काम किया है।

कोराडी में मंदिर निर्माण स्थल पर हादसा
इससे पहले 9 अगस्त को कोराडी, नागपुर में महालक्ष्मी जगदंबा देवस्थान मंदिर के निर्माणाधीन गेट की स्लैब गिरने से 17 मजदूर घायल हो गए थे, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई थी। यह घटना शाम 8 बजे हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और पुलिस, फायर डिपार्टमेंट तथा स्थानीय लोग मौके पर राहत कार्य में जुट गए। एनडीआरएफ के कर्मी भी मौके पर पहुंचे थे। उस समय प्रशासन ने जांच की बात कही थी, लेकिन अब दो महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना घट चुकी है।
प्रशासन की सावधानी और भविष्य की जरूरत
नागपुर में दो बड़ी निर्माण और संरचना से जुड़े हादसे यह दर्शाते हैं कि पुराने ढांचे और निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है। एंप्रेस मिल और कोराडी दोनों घटनाओं में नुकसान मानव जीवन तक नहीं पहुंचा, यह बड़ी बात है। लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि सुरक्षा मानकों का पालन और नियमित निरीक्षण अत्यंत जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने ढांचे, निर्माणाधीन साइट्स और शहर के व्यस्त इलाकों में समय-समय पर निरीक्षण, मरम्मत और चेतावनी प्रणाली लागू करने से बड़े हादसों को रोका जा सकता है। नागपुर प्रशासन को अब तत्काल कदम उठाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।







