Rewa Breaking News: मध्य प्रदेश के रीवा में एक खाद वितरण केंद्र के बाहर पुलिस द्वारा एक आदिवासी किसान की पिटाई का मामला सामने आया है। वीडियो में पुलिस किसान को लात-घूँसों से पीटती दिख रही है। पुलिस का कहना है कि किसान नशे में था और हंगामा कर रहा था, लेकिन किसान ने आरोपों से इनकार किया है।
इस पूरी घटना पर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि भाजपा सरकार में पुलिस आदिवासियों और किसानों पर कहर बरपा रही है। खाद की जगह लाठियाँ चलाई जा रही हैं।
रीवा के किसान समृद्धि केन्द्र जवा में आदिवासी किसान का गुनाह सिर्फ इतना था कि उसने नियम के हिसाब से खाद की बोरी माँग ली।
पर भाजपा राज में उसे खाद नहीं मिली,बल्कि पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और थाने में भी टॉर्चर करते हुए गालियां दी गई।
यह है भाजपा जी का “सुशासन” —
– खाद… pic.twitter.com/VLhydzYJJu— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 11, 2025
किसान का आरोप है कि आदिवासी होने के कारण उसे बेरहमी से प्रताड़ित किया गया। यह घटना जवा महुहाटोला स्थित किसान समृद्धि केंद्र में हुई, जहाँ किसान खाद लेने गया था। किसान ने बताया कि वह पाँच बोरी खाद माँग रहा था, जो नियमानुसार उसे मिलनी चाहिए थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की और उसे थाने ले गए।
आदिवासी संगठन ने इस घटना का विरोध किया है और पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से समाज में रोष है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि किसान नशे में था और हंगामा कर रहा था, इसलिए सख्ती की गई। मुझे इस घटना के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिली है। अगर आप और जानकारी चाहते हैं, तो ऑनलाइन सर्च कर सकते हैं या स्थानीय समाचार स्रोतों से जानकारी ले सकते हैं।







