मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में हुए दर्दनाक ट्रक हादसे पर सख्त कार्रवाई की है। इस हादसे में लापरवाही बरतने के आरोप में इंदौर के डिप्टी कमिश्नर, एसीपी और 9 अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि बीती रात एक बेकाबू ट्रक ने सड़क किनारे खड़े करीब 15 लोगों को टक्कर मार दी थी। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए, जिसके चलते मुख्यमंत्री ने तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया।
निलंबन और इनाम की घोषणा
जानकारी के अनुसार, निलंबित अधिकारियों में एसीपी सुरेश सिंह, प्रेम सिंह (थाना प्रभारी), एएसआई (बिजासन प्रभारी), चंद्रेश मरावी (सुबेदार, सुपर कॉरिडोर प्रभारी), और दीपक यादव (निरीक्षक, सुपर कॉरिडोर से एयरपोर्ट रोड प्रभारी) शामिल हैं। इनके अलावा ड्यूटी पर तैनात चार अन्य कांस्टेबलों पर भी कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरी ओर, हादसे के दौरान बहादुरी और सतर्कता दिखाने वाले कांस्टेबल पंकज यादव और अनिल कोठारी तथा एक ऑटो रिक्शा चालक को सम्मानित और पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। यह कदम सरकार द्वारा जिम्मेदारी तय करने और सही कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

घायलों से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादव
हादसे के अगले दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से घायलों के इलाज की विस्तृत जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी। सीएम ने कहा कि मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि घायलों को 1 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा मृतकों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार उठाएगी और जिन वाहनों को नुकसान पहुंचा है उनके लिए भी मदद की जाएगी। उन्होंने इस घटना को “बेहद हृदय विदारक” बताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
हादसे की जांच के आदेश
यह दर्दनाक हादसा इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर हुआ। बेकाबू ट्रक (MP09 ZP 4069) ने सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंद दिया। टक्कर के बाद एक बाइक ट्रक में फंस गई और लगातार रगड़ खाने से उसमें ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद ट्रक में भी आग लग गई। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इस पर संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रात 11 बजे तक भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक है, तो आखिरकार यह ट्रक कैसे शहर के भीतर घुस गया। फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।







