गाज़ियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने एक वरिष्ठ पासपोर्ट अधीक्षक दीपक चंद्र की दो संपत्तियों को अटैच करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले में की गई है। सीबीआई ने यह केस 24 मार्च 2025 को दर्ज किया था। आरोप है कि अधिकारी ने अपनी घोषित आय से लगभग 1.46 गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है, जो कि भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कमाई का स्पष्ट संकेत है।
सीबीआई की जांच में उजागर हुई करोड़ों की काली कमाई
जांच में सामने आया कि जुलाई 2018 से सितंबर 2024 के बीच आरोपी अधिकारी ने करीब 85 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई। इस दौरान सीबीआई ने उसके आवास पर छापेमारी की, जहां से करीब 60 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा महंगी संपत्तियों और भारी खर्चों से जुड़ी अहम जानकारियाँ भी मिलीं। जांच में यह भी साबित हुआ कि आरोपी ने इस अवधि में अपनी घोषित आय से कहीं अधिक मूल्य की संपत्तियाँ खरीदीं, जिनका हिसाब वह नहीं दे सका।

जब्त की गई संपत्तियों का विवरण
सीबीआई कोर्ट में पेश हुई रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने गाज़ियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में एक आलीशान फ्लैट और ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौतम बुद्ध नगर में एक कमर्शियल शॉप खरीदी थी। दोनों संपत्तियाँ उसकी घोषित आय से कहीं अधिक मूल्य की थीं। अदालत ने सीबीआई की अर्जी को स्वीकार करते हुए इन दोनों संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी कर दिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई के सख्त रुख को दर्शाती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश
इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मुद्दे को उजागर किया है। गाज़ियाबाद सीबीआई कोर्ट के इस आदेश से यह संदेश गया है कि कोई भी अधिकारी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, अगर भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अब आगे इस मामले में अदालत में सुनवाई होगी और यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो अधिकारी को कठोर सजा का सामना करना पड़ सकता है।







