मध्यप्रदेश में JCB से बनी प्रसाद की दाल मखनी, दंडौरा धाम का वीडियो सोशल मीडिया पर मचा रहा धमाल

By: MPLive Team

On: Friday, September 19, 2025 6:00 PM

मध्यप्रदेश में JCB से बनी प्रसाद की दाल मखनी, दंडौरा धाम का वीडियो सोशल मीडिया पर मचा रहा धमाल
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मध्यप्रदेश के भिंड जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। डंडौरा धाम में प्रसाद के रूप में बनाई जा रही दाल मखनी को जेसीबी से पकाते हुए देखा गया। आमतौर पर नालियां और गड्ढे खोदने वाली मशीन का इस तरह भोजन बनाने में इस्तेमाल होना हर किसी को चौंकाने वाला है। यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और लोगों ने इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

स्वच्छता पर उठे गंभीर सवाल

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बड़े कढ़ाह में दाल मखनी पक रही है और जेसीबी मशीन उसके अंदर डालकर दाल को चलाया जा रहा है। जिस मशीन का बकेट अक्सर कीचड़, पत्थर और गंदगी से भरा होता है, उसे सीधे भोजन में डालना लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह तैयार भोजन में बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व आसानी से मिल सकते हैं, जिससे भोजन विषाक्त हो सकता है। ऐसे प्रसाद का सेवन करने से बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है।

डंडौरा धाम का महत्व

डंडौरा धाम भिंड जिले में महगांव और मऊ के बीच स्थित एक प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। बड़े पैमाने पर भक्तों के लिए प्रसाद बनाया और वितरित किया जाता है। परंतु जिस तरह से दाल मखनी तैयार करने में जेसीबी का प्रयोग किया गया, उसने मंदिर की प्रतिष्ठा और परंपराओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि धार्मिक स्थल पर इस तरह की लापरवाही न केवल आस्था को ठेस पहुंचाती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है।

स्वास्थ्य पर खतरा और प्रशासन की जिम्मेदारी

इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा है। हर कोई सवाल पूछ रहा है कि जब लाखों भक्तों के लिए प्रसाद तैयार किया जाता है, तो स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है। प्रसाद को पवित्र और शुद्ध माना जाता है, लेकिन जेसीबी जैसी मशीन से दाल चलाना धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से अनुचित है। अब स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पर यह जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और श्रद्धालुओं की आस्था तथा सेहत दोनों की रक्षा की जाए।

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