Breaking News: कर चोरी और फर्जी बिलिंग पर नकेल कसते हुए, केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग ने मध्य प्रदेश के जबलपुर और नरसिंहपुर में कई जगहों पर एक साथ छापे मारे। शहर के जाने-माने कबाड़ व्यापारी नारू अग्रवाल के परिसर समेत चार बड़े प्रतिष्ठानों पर छापे मारे गए। अधिकारियों को बिना माल की आपूर्ति किए फर्जी चालान जारी करके जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के नाम पर लाखों रुपये के फर्जी चालान मिले।
करोड़ों रुपये के फर्जी लेन-देन का खुलासा
नरसिंहपुर स्थित एक फर्म, मेसर्स मोहनलाल कंस्ट्रक्शन, और जबलपुर स्थित तीन फर्मों – मेसर्स गोयंका स्टील री-रोलिंग मिल, मेसर्स उत्सव डिस्ट्रीब्यूटर्स तथा मेसर्स कोरबा मेटल एंड कंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड पर छापे मारे गए। CGST अधिकारियों के अनुसार, ये फर्में बिना कोई वास्तविक व्यवसाय किए फर्जी चालान जारी करके फर्जी कंपनियों के रूप में काम कर रही थीं।
इन चालानों का उपयोग करके, स्क्रैप और स्टील व्यापारियों ने जीएसटी क्रेडिट का दावा किया, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ। शुरुआती जाँच में करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी वाले लेन-देन का पता चला है, हालाँकि अभी तक सही राशि का पता नहीं चल पाया है।
पूरे नेटवर्क का पर्दाफ़ाश करने की कोशिश
जाँच एजेंसी अब डेटा विश्लेषण के ज़रिए पूरे नेटवर्क का पर्दाफ़ाश करने की कोशिश कर रही है। दोषी पाए जाने पर इन संस्थाओं पर जुर्माना और आपराधिक आरोप लग सकते हैं। यह कदम जीएसटी विभाग द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसने हाल ही में लुधियाना, नागपुर और अन्य जगहों पर इसी तरह के घोटाले उजागर किए हैं।







