मध्य प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जारी कार्रवाई के बावजूद रिश्वतखोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य के विभिन्न जिलों से रिश्वतखोरी की खबरें आ रही हैं। ताज़ा मामला मंडला ज़िले का है, जहाँ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक पुलिस उपायुक्त (DPC) को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। मामला दर्ज होने के समय, आरोपी के खिलाफ कार्रवाई चल रही थी।
आरोपी ने विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल से DPC जाँच के नाम पर 70,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। वह आज रिश्वत की पहली किश्त देने रिलायंस पेट्रोल पंप पर पहुँचा, ठीक उसी समय जबलपुर स्थित आर्थिक अपराध शाखा ने उसे रिश्वत लेते हुए देख लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।







