दिलजीत दोसांझ आज केवल एक गायक ही नहीं, बल्कि एक ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, हुनर और जुनून से पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन किया है। दिल ल्यूमिनाटी टूर के दौरान उन्होंने भारत के कई बड़े शहरों में अपने स्टारडम का प्रदर्शन किया। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वे अपनी पगड़ी और सरदार वाली पहचान के साथ अपनी अलग छवि पेश कर रहे हैं। हाल ही में दिलजीत को एक अनोखी फिल्म के लिए एमी अवॉर्ड में नामांकन मिला है। यह फिल्म एक पंजाबी गायक की कहानी पर आधारित है, जिसे मंच से बाहर बेरहमी से मार दिया गया था। इस गायक की जीवनगाथा इतनी प्रभावशाली थी कि उसने दिलजीत के करियर और सोच दोनों को ही पूरी तरह बदल कर रख दिया। दिलजीत के इस सफर का खास रिश्ता मशहूर फिल्म निर्देशक इम्तियाज़ अली से भी जुड़ा है।
बचपन से चमकता सितारा
दिलजीत दोसांझ का जन्म 6 अक्टूबर 1984 को पंजाब के जालंधर जिले के दोसांझ कलां गांव में हुआ। बचपन से ही उन्हें संगीत और फिल्मों का गहरा शौक था। उनकी आवाज़ में ऐसा जादू था कि लोग उन्हें सुनते ही उनके प्रशंसक बन जाते। 2004 में उनका गीत “इश्क दा उड़ा अड्डा” सुपरहिट साबित हुआ और यहीं से उनके करियर ने उड़ान भरनी शुरू की। इसके बाद उन्होंने लगातार पंजाबी संगीत जगत में अपने गानों से लोकप्रियता हासिल की। धीरे-धीरे वे फिल्मों में भी आए और पंजाबी सिनेमा से लेकर बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों तक का हिस्सा बने। अभिनय के साथ-साथ गायन में भी उन्होंने एक अलग पहचान बनाई और आज वे पंजाब के सबसे सफल और चर्चित कलाकारों में गिने जाते हैं।
वो फिल्म जिसने बदल दी ज़िंदगी
बॉलीवुड निर्देशक इम्तियाज़ अली अपनी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। अक्सर उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर भले ही बहुत ज्यादा कमाई न कर पाती हों, लेकिन कलाकारों की जिंदगी में नए मोड़ जरूर ले आती हैं। यही जादू उन्होंने दिलजीत के साथ भी किया। 2024 में उनकी फिल्म “अमर सिंह चमकिला” रिलीज़ हुई, जो पंजाबी गायक चमकिला के जीवन पर आधारित थी। इस फिल्म ने दिलजीत को एक नए मुकाम पर पहुँचा दिया। फिल्म की कहानी को जिस गहराई और सादगी से पेश किया गया, उसने दर्शकों का दिल जीत लिया। लोग न सिर्फ फिल्म बल्कि दिलजीत की अदाकारी के भी कायल हो गए। इस फिल्म के लिए उन्हें एमी अवॉर्ड में बेस्ट टीवी मिनी सीरीज़ कैटेगरी में नामांकन मिला। यह उनके करियर का एक बेहद अहम पड़ाव है, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई।
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अमर सिंह चमकिला की दास्तान
अमर सिंह चमकिला पंजाब के मशहूर लोक गायक थे, जिन्होंने अपने गानों से गांव-गांव तक धूम मचा दी थी। उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि लोग उन्हें पंजाब का एल्विस कहकर बुलाते थे। लेकिन 8 मार्च 1988 को उन्हें उनकी पत्नी अमरजोत कौर के साथ बेरहमी से मार दिया गया। चमकिला अपने दौर में लोक संगीत के बादशाह थे, लेकिन उन्हें उनके कुछ दोहरे अर्थ वाले गीतों के लिए भी जाना जाता था। इम्तियाज़ अली की फिल्म ने चमकिला की कहानी को गरीबी से लेकर शोहरत और फिर आध्यात्मिकता तक के सफर के साथ पेश किया। फिल्म में परिणीति चोपड़ा ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने इस फिल्म के लिए एनिमल जैसी बड़ी फिल्म को छोड़ दिया। बाद में एनिमल में परिणीति की जगह रश्मिका मंदाना को लिया गया। फिल्म अभी भी नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है और दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ चुकी है।







