हाल ही में अपनी फिल्म “मिसेस चटर्जी vs नॉर्वे” के लिए अपना पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाली रानी मुखर्जी ने एक समारोह के दौरान पहने अपने नेकलेस के पीछे की खास वजह साझा की। न्यू दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में 47 वर्षीय अभिनेत्री ने एक अनोखा नेकलेस पहना, जिस पर उनकी बेटी अदीरा के नाम के अक्षर खुदवाए हुए थे। यह नेकलेस समारोह का एक सबसे चर्चित हिस्सा बन गया और मीडिया में खूब चर्चा में रहा।
बेटी अदीरा की याद के लिए नेकलेस
रानी मुखर्जी ने इंडिया टुडे को बताया कि यह नेकलेस पहनना उनकी बेटी को अपने करीब महसूस कराने का एक तरीका था। उन्होंने कहा कि अदीरा इस समारोह में भाग लेने के लिए उत्साहित थी, लेकिन जब उसे बताया गया कि 14 साल से कम उम्र के बच्चे इस समारोह में नहीं आ सकते, तो वह निराश हो गई। रानी ने याद करते हुए कहा, “वो चिल्ला रही थी क्योंकि वह राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का हिस्सा बनना चाहती थी। मुझे बहुत दुख हुआ कि मेरी बेटी मेरे खास दिन पर मेरे साथ नहीं हो सकती।”
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शुभचिन्ह और आत्मीयता
रानी ने बताया कि नेकलेस पहनना उनके लिए अदीरा को अपने साथ आत्मा में रखने का सबसे नजदीकी तरीका था। उन्होंने कहा, “वो मेरी शुभचिन्ह हैं। मैं चाहती थी कि वह मेरे साथ हों और यह नेकलेस उनके करीब होने का सबसे अच्छा तरीका था।” यह नेकलेस रानी के लिए सिर्फ़ गहना नहीं था, बल्कि उनकी मातृत्व और भावनाओं का प्रतीक भी था, जो उन्हें उस विशेष दिन शक्ति और आत्मविश्वास देता रहा।
आभार व्यक्त और शाहरुख खान के साथ अनुभव
रानी ने उन सभी का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके इस प्यारे अंदाज को सोशल मीडिया पर सराहा। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूँ जिन्होंने इंस्टाग्राम रील्स और वीडियो बनाकर कहा कि ‘रानी अपनी बेटी को साथ लेकर गई।’ मैंने ये वीडियो अदीरा को दिखाए और इससे उसे बहुत सांत्वना मिली।” रानी ने यह भी साझा किया कि शाहरुख खान के साथ पुरस्कार जीतना उनके लिए बहुत खास था, जिन्हें वह अपनी जिंदगी का ‘एटर्नल राहुल’ कहती हैं।







