Ujjain में 25,000 लड़कियों की पूजा, Navratri में लगा विश्व रिकॉर्ड, CM ने दी बधाई, देखें चौंकाने वाला वीडियो

By: MPLive Team

On: Monday, September 29, 2025 6:12 PM

Ujjain में 25,000 लड़कियों की पूजा, Navratri में लगा विश्व रिकॉर्ड, CM ने दी बधाई, देखें चौंकाने वाला वीडियो
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नवरात्रि न केवल श्रद्धा और परंपरा का त्योहार है, बल्कि यह महिलाओं के प्रति सम्मान और सामाजिक एकता का अनोखा उदाहरण भी है। रविवार को उज्जैन में 121 स्थानों पर 25,000 से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया, जो अब ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि उज्जैन की पवित्र धरती पर हासिल की गई और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उन्हें इस आयोजन में सहयोग देने के लिए सम्मानित किया।

नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही

इस आयोजन का सफलतापूर्वक संचालन लोकमान्य तिलक समिति द्वारा किया गया। समिति के समन्वयक और विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा ने बताया कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। इस प्रकार, न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी यह आयोजन महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक कन्या को माता दुर्गा के रूप में देखा गया और उन्हें भोजन कराया गया। इस परंपरा के माध्यम से लोगों ने न केवल धार्मिक कर्तव्य निभाया, बल्कि महिलाओं के सम्मान और समाज में एकता का संदेश भी दिया।

कन्या पूजन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

कन्या पूजन नवरात्रि के अष्टमी और नवमी तिथि को किया जाता है। इस दिन कन्याओं को माता दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजित किया जाता है और भोजन कराकर उनका सम्मान किया जाता है। मान्यता है कि प्रत्येक कन्या में देवी दुर्गा का रूप होता है, इसलिए इस पूजन का विशेष महत्व है। ज्योतिष के अनुसार, सही तरीके से कन्या पूजन करने से नौ ग्रह संतुष्ट होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि, प्रसन्नता और प्रसिद्धि आती है। इस पूजन के दौरान जो भेंट दी जाती है, उसका संबंध ग्रहों से भी माना जाता है।

अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की अष्टमी तिथि कन्या पूजन का प्रमुख दिन है। इस दिन कन्याओं का विशेष पूजन और भोजन करना अत्यंत फलदायक माना जाता है। नवमी तिथि शक्ति साधना का अंतिम चरण होती है, और कई स्थानों पर इस दिन भी कन्याओं को भोजन कराया जाता है। इस प्रकार, कन्या पूजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आस्था और महिलाओं के सम्मान का संदेश भी फैलाता है। उज्जैन में हुई इस भव्य उपलब्धि ने इसे और भी विशेष बना दिया है।

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