1xBet Online Betting: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफॉर्म 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जल्द ही एक बड़ा कदम उठाते हुए खिलाड़ियों और अभिनेताओं की करोड़ों रुपये की संपत्ति ज़ब्त करेगा। एजेंसी इन संपत्तियों को ज़ब्त करने के बाद मामले में आरोपपत्र दाखिल करेगी।
ईडी की जाँच में पाया गया है कि विज्ञापन शुल्क से खरीदी गई संपत्तियाँ आपराधिक गतिविधियों से अर्जित थीं। कुछ संपत्तियों के विदेश में स्थित होने का भी संदेह है। अब तक इस मामले में क्रिकेटर युवराज सिंह, सुरेश रैना, रॉबिन उथप्पा, शिखर धवन और अभिनेता सोनू सूद, मिमी चक्रवर्ती और अंकुश हाजरा से पूछताछ की जा चुकी है।
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1xBet क्या है?
1xBet एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त सट्टेबाजी ऐप है जो लगभग 18 वर्षों से सट्टेबाजी के कारोबार में है। ग्राहक इस पर दांव लगा सकते हैं। इसकी एक वेबसाइट और 70 भाषाओं में उपलब्ध एक ऐप भी है। इन ऐप्स से हुए नुकसान के बाद, केंद्र सरकार ने हाल ही में ऐसे वित्तीय रूप से प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
अवैध सट्टेबाजी ऐप का मामला क्या है?
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने अदालत और मीडिया को बताया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप 1xBet जुए की लत को बढ़ावा देता है और इसके परिणामस्वरूप वित्तीय संकट पैदा होता है। इसके अलावा, अगर कोई जानी-मानी हस्ती ऐसे ऐप्स का प्रचार करती है, तो इसका सीधा असर बच्चों और युवाओं पर पड़ता है।
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उर्वशी रौतेला पेश नहीं हुईं
गौरतलब है कि उर्वशी रौतेला (1xBet की भारतीय राजदूत) को भी तलब किया गया था, लेकिन विदेश में होने के कारण वे पेश नहीं हुईं। ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1xBet के 22 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ता हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
दरअसल, जाँच में कई मशहूर हस्तियाँ और प्रभावशाली लोग शामिल हैं जिन पर सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने का आरोप है। उन पर कर चोरी और निवेशकों को धोखा देने का भी आरोप है।
जांच एजेंसी का ध्यान इस पर है
दरअसल, यह मामला अब मनोरंजन और खेल जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय भुगतान गेटवे से भी जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। जांच एजेंसी का ध्यान इस बात पर है कि इस ऐप के प्रचार में कौन-कौन शामिल था और उनकी इसमें कितनी गहरी संलिप्तता थी। प्रचार के लिए पैसे किस माध्यम से दिए गए? क्या इसमें हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग का कोई हाथ था?
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