बॉलीवुड और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। सलमान खान की फिल्म “टाइगर 3” में नजर आए मशहूर अभिनेता और बॉडीबिल्डर वरिंदर सिंह घुमन का 53 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। इस खबर ने पूरे मनोरंजन जगत को शोक में डुबो दिया है। बताया जा रहा है कि वरिंदर अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में अपने बाइसेप्स की मामूली सर्जरी के लिए गए थे, लेकिन वहीं उनकी मौत हो गई। पूर्व पंजाब उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उनके निधन की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दी।
अस्पताल में आई अचानक मौत – मामूली ऑपरेशन के दौरान हुआ हार्ट अटैक
सूत्रों के अनुसार, वरिंदर सिंह घुमन अपने बाइसेप्स इंजरी के लिए एक छोटा-सा ऑपरेशन करवाने फोर्टिस अस्पताल पहुंचे थे। यह एक रूटीन सर्जरी थी, इसलिए वे अकेले ही अस्पताल गए थे। लेकिन ऑपरेशन के दौरान ही उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि वरिंदर पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, इसलिए यह खबर सुनकर उनके परिवार और प्रशंसकों को गहरा सदमा लगा है।
सुखजिंदर सिंह रंधावा और खेल जगत ने दी श्रद्धांजलि
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पंजाबी में पोस्ट करते हुए लिखा – “मशहूर बॉडीबिल्डर और अभिनेता वरिंदर सिंह घुमन जी के अचानक निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा से पंजाब का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। वाहेगुरु उन्हें अपने चरणों में स्थान दें और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।”
इसी तरह, पूर्व भारतीय हॉकी टीम कप्तान परजात सिंह ने भी इंस्टाग्राम पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, “यह जानकर गहरा दुख हुआ कि प्रसिद्ध बॉडीबिल्डर और अभिनेता वरिंदर सिंह घुमन जी अब हमारे बीच नहीं रहे। वे एक सख्त अनुशासित और शाकाहारी बॉडीबिल्डर थे। वाहेगुरु उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”
कौन थे वरिंदर सिंह घुमन – भारत के पहले शाकाहारी प्रोफेशनल बॉडीबिल्डर
वरिंदर सिंह घुमन का नाम भारतीय बॉडीबिल्डिंग जगत में सम्मान से लिया जाता है। वे भारत के पहले शाकाहारी पेशेवर बॉडीबिल्डर थे। उन्होंने 2009 में मिस्टर इंडिया का खिताब जीता था और मिस्टर एशिया प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया था। अभिनय के क्षेत्र में उन्होंने 2012 में पंजाबी फिल्म “कबड्डी वंस मोर” से डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने “Roar: Tigers of the Sundarbans” (2014) और “Marjaavaan” (2019) जैसी बॉलीवुड फिल्मों में दमदार भूमिकाएँ निभाईं।
वरिंदर का जीवन अनुशासन, समर्पण और मेहनत की मिसाल था। उनका जाना न सिर्फ फिटनेस जगत के लिए बड़ा नुकसान है, बल्कि सिनेमा जगत के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।







