UPI New Update 2025: एक ही ऐप से सभी ट्रांजैक्शन और ऑटो पेमेंट्स करें मैनेज

1 अगस्त से UPI ट्रांजैक्शन में बदलाव, जानिए किन सेवाओं पर लगेगी लिमिट और क्या होगा असर
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UPI New Rule: डिजिटल भुगतान यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) 31 दिसंबर से UPI यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस नए बदलाव के तहत, यूजर्स किसी भी UPI ऐप से अपने सभी लेन-देन (ऑटो पेमेंट) देख और प्रबंधित कर सकेंगे, भले ही वे किसी अन्य ऐप पर किए गए हों। यूजर्स के पास एक UPI ऐप से दूसरे UPI ऐप में मैंडेट पोर्ट करने का विकल्प भी होगा।

NPCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में यूजर्स पर कैशबैक या नोटिफिकेशन जैसे कोई दबाव या प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, UPI में नए प्रमाणीकरण तरीके जोड़े गए हैं, जिनमें चेहरे और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण शामिल हैं, जो लेनदेन को और अधिक सुरक्षित बनाएंगे। UPI को अधिक पारदर्शी, आसान और सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

फाइनेंशियल प्लानिंग-आटो पेमेंट्स ट्रैकिंग होगी आसान

सभी UPI ऐप्स और भुगतान सेवा प्रदाताओं (PSP) को 31 दिसंबर, 2025 तक इस नई सुविधा को लागू करना होगा। अब, अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी अन्य ऐप पर लेन-देन करते हैं, तो आप उन्हें एक ही ऐप में देख और प्रबंधित कर सकते हैं। इससे वित्तीय योजना और स्वचालित भुगतान ट्रैकिंग आसान हो जाएगी।

जानें नए बदलावों का क्या मतलब है

नए नियम लागू होने के बाद, यूजर्स यह देख पाएंगे कि किसी भी ऐप पर UPI के ज़रिए कौन से नियमित भुगतान किए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, अगर Google Pay पर एक सक्रिय भुगतान है और PhonePe पर एक और सक्रिय भुगतान है, तो यूजर्स अपनी पसंद के किसी भी ऐप पर दोनों भुगतान आसानी से देख पाएंगे। इससे उनके लिए अपनी वित्तीय योजना बनाना आसान हो जाएगा।

साथ ही, आप अपने मैंडेट को एक ऐप से दूसरे ऐप में स्थानांतरित कर पाएंगे। इससे यूजर्स के लिए ऐप बदलना और अपने पसंदीदा भुगतान ऐप का उपयोग करना आसान हो जाएगा।

NPCI ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा पूरी तरह से यूजर्स के नियंत्रण में होगी। मैंडेट पोर्टिंग बिना किसी दबाव या प्रोत्साहन के स्वैच्छिक रूप से की जाएगी और इससे इसे कुशल बनाने में मदद मिलेगी।

देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

ऋषि श्रृंगी मुनि की तपोभूमि सिंगरौली की पावन धरा से निकला. पठन-पाठन से प्यार था लिहाजा पत्रकारिता से बेहतर पेशा कोई और लगा नहीं. अखबार से शुरु हुआ सफर टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यम में जारी है. इस दौरान करीब 14 साल गुजर गए पता ही नहीं चला. Read More
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