प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अमेरिका के मनोनीत राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। यह मुलाकात इसलिए खास थी क्योंकि गोर ने अभी तक अपना पदभार संभाला नहीं है। इस मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक फ्रेम की हुई तस्वीर भेंट की, जिस पर लिखा था, ‘मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, आप महान हैं!’ यह भेंट भारत और अमेरिका के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।
मुलाकात का फोकस: रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी
सर्जियो गोर ने बताया कि उनकी चर्चा में मुख्य रूप से रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे अहम मुद्दे शामिल थे। अमेरिका और चीन के बीच दुर्लभ पृथ्वी तत्वों और महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर चल रहे विवाद के बीच गोर ने इन खनिजों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहद महत्व देता है और ट्रंप और पीएम मोदी के नेतृत्व में आने वाले दिनों को लेकर आशावादी है।
राजनयिक मुलाकातें और सकारात्मक संकेत
गोर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों से उम्मीद जताई जा रही है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जल्द पूरी हो सकती है और एक शिखर बैठक भी संभव है। यह दुर्लभ अवसर माना जा रहा है जब प्रधानमंत्री किसी ऐसे राजदूत से मिलते हैं जिन्होंने अभी अपना पदभार ग्रहण नहीं किया हो।
दोनों देशों के संबंधों में संभावित सुधार
प्रधानमंत्री का गोर से मिलना इस बात का संकेत है कि दोनों देश व्यापार समझौते के करीब हैं। यह समझौता मई से आई गिरावट को दूर करने में मदद कर सकता है। इस बातचीत से दोनों देशों के अन्य संबंधों में भी सुधार की उम्मीद है। पीएम मोदी ने इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को गाजा शांति योजना की सफलता पर बधाई दी थी और दोनों नेताओं ने आने वाले हफ्तों में संपर्क में रहने पर सहमति जताई थी।
कनाडा से भी मिली सकारात्मक खबर
इसी तरह, भारत और कनाडा के संबंधों में सुधार की कोशिशों को भी बल मिला है। खालिस्तान समर्थक अलगाववादी की हत्या के बाद दोनों देशों में आई खटास को दूर करने के प्रयास जारी हैं। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद जल्द ही भारत आएंगी और एस जयशंकर तथा पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगी। व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







