स्कूल में हिजाब पहनने पर रोक! Kerala में बढ़ा धार्मिक विवाद, जानिए क्यों हुई छात्रा से ये सख्ती

By: MPLive Team

On: Tuesday, October 14, 2025 5:10 PM

स्कूल में हिजाब पहनने पर रोक! Kerala में बढ़ा धार्मिक विवाद, जानिए क्यों हुई छात्रा से ये सख्ती
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केरल के कोच्चि में स्थित एक निजी क्रिश्चियन स्कूल में हिजाब पहनने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब आठवीं कक्षा की एक छात्रा को स्कूल ने हिजाब पहनकर आने से रोक दिया। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और स्कूल प्रशासन को सोमवार से दो दिन की छुट्टी घोषित करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि यह विवाद इतना बढ़ गया कि अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति बन गई।

इस पूरे मामले में स्कूल की पैरेंट-टीचर एसोसिएशन (PTA) ने आरोप लगाया है कि छात्रा के माता-पिता को सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) नामक एक प्रॉ-इस्लामिक राजनीतिक संगठन से समर्थन मिला हुआ है। PTA के एक अधिकारी ने दावा किया कि इस संगठन के कुछ सदस्य, जिनमें कई नन शामिल हैं, ने स्कूल प्रशासन के साथ अभद्रता की। हालांकि, SDPI की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

स्कूल ने जारी किया अवकाश नोटिस, सोशल मीडिया पर वायरल

विवाद बढ़ने के बाद सेंट रीटा पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर हेलेना आर.सी. ने सोमवार और मंगलवार के लिए दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी। उन्होंने यह जानकारी एक पत्र के माध्यम से दी, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पत्र में लिखा गया कि यह अवकाश “छात्रा, उसके माता-पिता, कुछ बाहरी लोगों और कुछ छात्रों व कर्मचारियों के कारण उत्पन्न मानसिक तनाव” को देखते हुए घोषित किया गया है। प्रिंसिपल ने बताया कि यह निर्णय PTA के कार्यकारी सदस्यों से परामर्श के बाद लिया गया। उनका कहना है कि यह कदम स्कूल के शांतिपूर्ण माहौल को बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि छात्र और शिक्षक किसी तनाव के बिना दोबारा अपनी दिनचर्या में लौट सकें।

स्कूल में हिजाब पहनने पर रोक! Kerala में बढ़ा धार्मिक विवाद, जानिए क्यों हुई छात्रा से ये सख्ती

PTA का बयान: “30 वर्षों से स्कूल का ड्रेस कोड समान रहा है”

PTA के सदस्य जोशी कैथावलप्पिल ने बताया कि स्कूल का ड्रेस कोड पिछले 30 वर्षों से एक जैसा है और अब तक सभी समुदायों के छात्र-छात्राएं इसका पालन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “हाल ही में एक छात्रा के माता-पिता ने उसे सिर ढककर स्कूल भेजने की जिद की। जब स्कूल प्रशासन ने नियमों का हवाला देकर अनुमति नहीं दी, तो वे एक समूह के साथ स्कूल पहुंचे और हंगामा किया।”

जोशी ने आगे बताया कि इस घटना से छात्रों और शिक्षकों के बीच भय और तनाव का माहौल बन गया था। इस कारण, स्कूल प्रशासन ने दो दिन की छुट्टी घोषित करने का फैसला किया ताकि स्थिति शांत हो सके और किसी तरह का टकराव न बढ़े।

विवाद के बढ़ते प्रभाव और प्रशासन की चुप्पी

इस विवाद के बाद से स्थानीय स्तर पर हिजाब और धार्मिक स्वतंत्रता पर बहस शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि स्कूलों में एक समान ड्रेस कोड होना चाहिए, जबकि कुछ का कहना है कि धार्मिक पहचान का सम्मान किया जाना जरूरी है। इस मुद्दे ने राज्य की राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता को भी छू लिया है।

हालांकि, SDPI ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। वहीं, स्कूल प्रशासन और PTA का कहना है कि वे किसी भी तरह की राजनीति नहीं चाहते, बल्कि स्कूल में अनुशासन और सद्भाव बनाए रखना उनका मुख्य उद्देश्य है। अब देखना यह होगा कि राज्य के शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं।

कोच्चि के इस स्कूल विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शिक्षा संस्थानों में धार्मिक प्रतीकों और नियमों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। एक ओर जहां अभिभावक धार्मिक स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं, वहीं स्कूल प्रशासन नियम और अनुशासन को प्राथमिकता दे रहा है। यह विवाद भले ही छोटा हो, लेकिन इसके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव दूरगामी हो सकते हैं।

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