मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस बार दिवाली के मौके पर हिन्दू संगठनों ने ‘सनातनी दिवाली’ मनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में हिन्दू कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे इस दिवाली केवल सनातनी घरों से ही खरीदारी करें। यह अभियान पिछले सालों की तरह ही कुछ विशेष धार्मिक संदेशों के साथ किया जा रहा है। इसे हिन्दू त्योहारों को सुरक्षित और पारंपरिक रूप में मनाने का प्रयास बताया जा रहा है।
बैनरों और नारेबाजी के जरिए अपील
इस अभियान में शामिल हिन्दू कार्यकर्ताओं, जैसे कि चंद्रशेखर तिवारी, भोपाल हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष, और संत समाज के अनिलानंद, ने बैनर उठाकर लोगों से कहा कि उनका पैसा केवल सनातनी घरों और व्यवसायों तक पहुंचे। बैनरों पर लिखा था, “अपना पैसा सनातनों के लिए खर्च करें, जिहाद के लिए इस्तेमाल न होने दें। देवी लक्ष्मी की पूजा करने वाले दुकानदारों से ही खरीदारी करें ताकि आपका पैसा भी सनातनी घर में लक्ष्मी पूजा में इस्तेमाल हो सके। इस दिवाली ऐसी दुकानों से ही खरीदारी करें जो अपने घरों में दिवाली मना सकती हैं।”

लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस अपील के दौरान कई हिन्दू परिवारों ने अभियान का समर्थन किया। उनका कहना था कि कुछ गैर-हिन्दू समुदाय हिन्दू त्योहारों के विरोध में रहते हैं, इसलिए वे केवल सनातनी दुकानदारों से ही खरीदारी करेंगे। वहीं, कुछ लोगों ने इस दृष्टिकोण का विरोध भी किया। उनका कहना था कि दिवाली एक खुशियों और एकता का पर्व है और धार्मिक आधार पर व्यापार करना सही नहीं है। एक महिला ग्राहक ने कहा, “हम गरीब दुकानदारों से खरीदारी करते हैं, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो। त्योहार सबके लिए है।”
पहले भी ऐसे अभियान चले हैं
यह नया अभियान पिछले सालों की तरह कुछ धार्मिक आयोजनों के साथ जुड़ा है। इससे पहले नवरात्रि में गरबा में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश को रोकने के लिए अभियान चलाया गया था, और करवा चौथ पर केवल हिन्दू महिलाओं को मेहंदी लगाने के लिए प्रेरित किया गया था। अब वही संगठन दिवाली पर सनातनी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रहे हैं। इसका उद्देश्य यह बताया जा रहा है कि हिन्दू त्योहारों के समय पारंपरिक और धार्मिक मूल्यों के अनुरूप ही खरीदारी की जाए।







