साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान: बेटियों को गैर-हिंदुओं से शादी पर रोकने के लिए पैर तोड़ने तक की सलाह

By: MPLive Team

On: Sunday, October 19, 2025 7:46 PM

साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान: बेटियों को गैर-हिंदुओं से शादी पर रोकने के लिए पैर तोड़ने तक की सलाह
Google News
Follow Us
---Advertisement---

पूर्व भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। हाल ही में उनका एक बयान विवाद का केंद्र बन गया है। साध्वी प्रज्ञा ने परिवारों को सलाह दी कि वे उन लड़कियों पर नियंत्रण रखें जो अपने धर्म के बाहर शादी करने का सोचती हैं।

भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि बेटियां माता-पिता की इच्छा के खिलाफ काम करें, तो उन्हें शारीरिक रूप से दंडित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता को अपनी बेटियों को “अगैर हिंदू घरों” में जाने से रोकना चाहिए, और यदि वे नहीं मानतीं तो उनके पैरों को तोड़ देना चाहिए। इस बयान ने सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

मानसिक शक्ति और कठोर दंड की बातें

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, “अपना मन इतना मजबूत बनाओ कि यदि हमारी बेटी हमारी बात न माने और गैर हिंदू के घर चली जाए, तो हम पैर तोड़ने में कोई कसर न छोड़ें। जो लोग रीति-रिवाजों का पालन नहीं करते और माता-पिता की नहीं सुनते, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। यहां तक कि यदि बच्चों की भलाई के लिए हमें उन्हें मारना पड़े, तो पीछे न हटें। माता-पिता ऐसा अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए करते हैं।”

उनका यह बयान न केवल विवादित है, बल्कि सामाजिक दृष्टि से अस्वीकार्य माना जा रहा है। इसके माध्यम से उन्होंने कठोर अनुशासन और परंपराओं का पालन कराने पर जोर दिया है, जिसे कई लोग बाल अधिकारों के खिलाफ मान रहे हैं।

साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान: बेटियों को गैर-हिंदुओं से शादी पर रोकने के लिए पैर तोड़ने तक की सलाह

अविवेकपूर्ण व्यवहार वाली लड़कियों पर सतर्कता

साध्वी प्रज्ञा ने आगे कहा कि वे लड़कियां जो मूल्यों का पालन नहीं करतीं, माता-पिता की नहीं सुनतीं, बड़ों का सम्मान नहीं करतीं और घर छोड़कर भागने की तैयारी करती हैं, उनके प्रति अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्हें घर से बाहर जाने न देना चाहिए, रोकने के लिए मारपीट, समझाना, प्यार करना या डाँटना जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी।

इस बयान ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी और इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। लोगों ने इसे धार्मिक और सामाजिक असहिष्णुता की मिसाल माना।

कांग्रेस की निंदा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

जैसे ही यह बयान वायरल हुआ, कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर घृणा फैलाने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने साध्वी प्रज्ञा पर निशाना साधते हुए पूछा, “मध्य प्रदेश में इतना शोर और नफरत क्यों फैलाई जा रही है, जबकि केवल सात मामले (संभावित धार्मिक परिवर्तन के) ही साबित हुए हैं?”

इस घटना ने राजनीति और समाज में बेटियों की आज़ादी और अधिकारों पर बहस को जन्म दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक तनाव और धार्मिक आधार पर विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं। इस प्रकार, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बयान न केवल विवादित है बल्कि सामाजिक चेतना और कानून की दृष्टि से भी चिंताजनक माना जा रहा है।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment