मध्य प्रदेश में सोयाबीन की खरीद 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक की जाएगी। भावांतर योजना में 9.36 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। मध्य प्रदेश के सात जिलों में 50,000 से अधिक और 21 जिलों में 10,000 से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। प्रत्येक मंडी में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
9.36 लाख किसानों ने पंजीयन कराया
प्रदेश के किसानों की सुविधा के लिए भावांतर योजना शुरू की गई है। इस योजना में कुल 9.36 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। प्रदेश के सात जिलों उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा और सागर में 50,000 से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। इसी प्रकार, 21 जिलों में 10,000 से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है।
SMS के माध्यम से भी भुगतान की सूचना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों को मंडियों और उपमंडियों में सोयाबीन बेचने के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी। मूल्य अंतर की राशि का भुगतान निर्धारित समयावधि में ई-उपोर्जन पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीकृत बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से करना होगा। किसानों को एसएमएस के माध्यम से भी भुगतान की सूचना दी जाएगी।
अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक होगी सोयाबीन विक्रय
मध्य प्रदेश में सोयाबीन विक्रय की अवधि 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक होगी। ई-उपोर्जन पोर्टल पर पंजीकरण के बाद समस्त कार्य मंडी पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किया जाता है। सभी मंडियों एवं उप-मंडियों में तकनीकी एवं मानव संसाधन की व्यवस्था की गई है। मंडी स्तर के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया गया है। प्रवेश द्वार एवं प्रांगण की सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। सभी मंडियों में हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं।







