भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना 30 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच राजस्थान और गुजरात में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास करने जा रही हैं। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी जारी की गई है और NOTAM (Notice To Airmen) भी जारी किया गया है। पिछले कई महीनों से भारतीय सशस्त्र बल लगातार युद्ध की किसी भी स्थिति के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं। यह अभ्यास गुजरात और राजस्थान की सीमा पर किया जाएगा। मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और तब से भारत अपनी सेना को किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए युद्ध तैयारी में रख रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने थार शक्ति अभ्यास का निरीक्षण किया
हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के भारत-पाकिस्तान सीमा के पास भारतीय सेना के “थार शक्ति” सैन्य अभ्यास का निरीक्षण किया। उन्होंने सैनिकों के साहस, वीरता और समर्पण की सराहना की। जायदपुर में अपने दौरे के दूसरे दिन, राजनाथ सिंह ने लोंगेवाला में इस अभ्यास का अवलोकन किया, जहां सैंकड़ों सैनिकों ने रेतीले इलाके में आधुनिक युद्ध कौशल और ताकत का प्रदर्शन किया। इस सैन्य अभ्यास में रोबोटिक कुत्ते, ड्रोन, अत्याधुनिक वाहन जैसे अटौर N1200, टैंक और हेलीकॉप्टर शामिल थे, जिससे भविष्य के युद्ध कौशल, गति और ताकत का अनूठा मिश्रण सामने आया।
NOTAM क्या है और इसका महत्व
NOTAM का पूरा नाम “Notice To Airmen” है। यह एक सूचना है जो पायलट, हवाई यातायात नियंत्रक और अन्य हवाई यात्रा से जुड़े कर्मियों को महत्वपूर्ण जानकारी देती है। NOTAM का मुख्य उद्देश्य हवाई यात्रा की सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से अस्थायी बदलाव या हवाई यात्रा को प्रभावित करने वाले खतरों के बारे में सूचित किया जाता है, जैसे कि रनवे बंद होना, प्रतिकूल मौसम की स्थिति या सैन्य अभ्यास। इस प्रकार, NOTAM सभी संबंधित पक्षों को वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करके उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान के हालात
भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत सेना ने 6 और 7 मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में नौ आतंकवादी अड्डों पर हमले किए। इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी रहा। पाकिस्तान ने कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिन्हें भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक नाकाम किया। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच आपसी समझौते के बाद युद्धविराम स्थापित हुआ है। इस अभ्यास और तैयारियों का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में भारतीय सशस्त्र बलों की तत्परता और शक्ति का प्रदर्शन करना है।







