डॉलर की उड़ान और बाजार में उथल-पुथल के बीच आई खुशखबरी – भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ ने चौंकाया!

By: MPLive Team

On: Wednesday, October 29, 2025 8:46 AM

डॉलर की उड़ान और बाजार में उथल-पुथल के बीच आई खुशखबरी – भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ ने चौंकाया!
Google News
Follow Us
---Advertisement---

अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊँचे शुल्कों के चलते जब कई देश अपनी आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं भारत के लिए अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक राहतभरी खबर सामने आई है। लगातार कमजोर हो रहे रुपये और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सितंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन (Industrial Production) में 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन के कारण संभव हुई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production – IIP) में सितंबर 2024 की तुलना में अधिक तेजी देखी गई है, जब यह वृद्धि केवल 3.2 प्रतिशत थी। यह संकेत देता है कि भारत की औद्योगिक गतिविधियाँ धीरे-धीरे महामारी के बाद के प्रभावों से उभर रही हैं और स्थिरता की ओर बढ़ रही हैं।

विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्र का प्रदर्शन

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने अगस्त 2025 के औद्योगिक उत्पादन के प्रारंभिक अनुमान में भी संशोधन किया है। पहले जहां इस वृद्धि को 4 प्रतिशत बताया गया था, अब इसे बढ़ाकर 4.1 प्रतिशत कर दिया गया है। सितंबर 2025 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 4.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह वृद्धि 4 प्रतिशत थी। यह दर्शाता है कि भारत का औद्योगिक तंत्र, विशेष रूप से उत्पादन और निर्माण आधारित उद्योग, बेहतर हो रहे हैं और मांग में सुधार देखने को मिल रहा है।

हालांकि, खनन (Mining) क्षेत्र का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। सितंबर में खनन उत्पादन में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले इसमें 0.2 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई थी। इस गिरावट का कारण कोयला और अन्य खनिजों की कम मांग और कुछ खदानों में परिचालन संबंधी दिक्कतों को माना जा रहा है। दूसरी ओर, बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। सितंबर 2025 में बिजली उत्पादन 3.1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष यह वृद्धि केवल 0.5 प्रतिशत थी। यह सुधार ऊर्जा मांग में वृद्धि और बेहतर वितरण प्रबंधन का संकेत देता है।

डॉलर की उड़ान और बाजार में उथल-पुथल के बीच आई खुशखबरी – भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ ने चौंकाया!

अर्धवार्षिक प्रदर्शन और अर्थव्यवस्था की रफ्तार

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में भारत का औद्योगिक उत्पादन औसतन 3 प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि, यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही के 4.1 प्रतिशत की तुलना में थोड़ी धीमी है। इसका एक कारण वैश्विक आर्थिक मंदी, उच्च ब्याज दरें और विदेशी मांग में कमी मानी जा रही है। बावजूद इसके, घरेलू उपभोग में सुधार और सरकारी पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में वृद्धि से औद्योगिक क्षेत्र में स्थिरता बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन इसी तरह मजबूत रहता है और बिजली उत्पादन में सुधार जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में IIP में और तेजी देखी जा सकती है। सरकार द्वारा “मेक इन इंडिया” और “प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)” जैसी योजनाओं का भी सकारात्मक असर औद्योगिक उत्पादन पर दिखने लगा है।

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल

इसी बीच, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को निर्यातकों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में देश के निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की जाएगी। सितंबर महीने में भारत का निर्यात 6.74 प्रतिशत बढ़कर 36.38 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो वैश्विक परिस्थितियों के बीच एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, इसी अवधि में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार अमेरिका को निर्यात लगभग 12 प्रतिशत घटकर 5.46 अरब डॉलर रह गया है।

सरकार का ध्यान अब नए बाजारों की खोज और निर्यात क्षेत्र में विविधता लाने पर है, ताकि अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम की जा सके। इसके अलावा, निर्यातकों को लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग देने की दिशा में भी ठोस कदम उठाने की संभावना है। कुल मिलाकर, सितंबर 2025 के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारत की औद्योगिक अर्थव्यवस्था चुनौतियों के बावजूद स्थिर गति से आगे बढ़ रही है और निकट भविष्य में इसमें और मजबूती आने की उम्मीद है।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment