मध्य प्रदेश के इंदौर से दिल्ली जा रही ट्रेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला यात्री का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला का पर्स रेलवे स्टेशन पर चोरी हो गया, जिसमें पैसे, मोबाइल फोन और कुछ जरूरी दस्तावेज रखे थे। चोरी की घटना के बाद महिला ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। इससे नाराज होकर महिला ने ट्रेन में ही हंगामा शुरू कर दिया।
RPF पर लापरवाही का आरोप, महिला ने गुस्से में तोड़ा ट्रेन का शीशा
पीड़ित महिला ने बताया कि उसने चोरी की शिकायत दर्ज कराने के लिए RPF कर्मियों से मदद मांगी थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह बहुत गुस्से में आ गई। ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों के मुताबिक, महिला लंबे समय तक अधिकारियों से अपनी बात कहती रही, लेकिन जब किसी ने ध्यान नहीं दिया तो उसने अचानक एक प्लास्टिक बोर्ड उठाया और एसी कोच की खिड़की का शीशा तोड़ना शुरू कर दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला बार-बार बोर्ड से शीशे पर वार कर रही है और जोर-जोर से चिल्ला रही है — “मेरा पर्स लाओ, नहीं तो मैं नहीं रुकूंगी।” उसके बगल में उसकी छोटी बेटी भी बैठी दिखाई दे रही है, जो डरी हुई नजर आती है। यह दृश्य देखकर आसपास के यात्री घबरा गए और कोच में अफरा-तफरी मच गई।
रेलवे कर्मचारियों ने दी सूचना, यात्रियों में मचा हड़कंप
घटना के दौरान रेलवे कर्मचारियों ने महिला को शांत करने की कोशिश की, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। अंततः कर्मचारियों ने RPF को सूचित किया और स्थिति को संभालने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि पूरा वाकया रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वास्तव में महिला की शिकायत को नजरअंदाज किया गया था या नहीं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है और इसकी भी जांच की जाएगी।
सोशल मीडिया पर बहस, लोग बोले – महिला के साथ होना चाहिए था न्याय
इस वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया पर लोगों की मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। कई लोगों ने महिला का समर्थन करते हुए कहा कि “अगर किसी की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जाए, तो ऐसा गुस्सा आना स्वाभाविक है।” उनका कहना है कि RPF को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी ताकि महिला को न्याय मिल सके। वहीं, कुछ लोगों ने महिला की हरकत को गलत बताया और कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना समस्या का समाधान नहीं है। फिलहाल, रेलवे प्रशासन ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और RPF अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। घटना ने एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा और शिकायत निपटान प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







