भारत की डिजिटल इकॉनमी में त्योहारों के मौसम ने एक बार फिर जबरदस्त उछाल ला दिया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर 2025 में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। इस महीने कुल 20.7 अरब ट्रांजैक्शन (20.7 बिलियन) हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹27.28 लाख करोड़ रही — जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत में डिजिटल पेमेंट अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी अहम हिस्सा बन चुका है।
पिछले सभी रिकॉर्ड टूटे, नया इतिहास रचा गया
इससे पहले मई 2025 में UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू ₹25.14 लाख करोड़ के उच्च स्तर पर पहुंची थी। वहीं, अगस्त 2025 में करीब 20 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे, जो अब तक वॉल्यूम के लिहाज से सबसे ज्यादा थे। अक्टूबर 2025 में न केवल यह रिकॉर्ड टूटा बल्कि इसमें 16% की सालाना और 9.5% की मासिक वृद्धि दर्ज की गई। औसतन हर दिन 668 मिलियन (66.8 करोड़) ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी औसत दैनिक वैल्यू ₹87,993 करोड़ रही। विशेषज्ञों का मानना है कि दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान रिटेल शॉपिंग, ऑनलाइन पेमेंट और ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन में आई तेजी ने इस ग्रोथ को नई ऊंचाई दी है।
विशेषज्ञों ने कहा – भारत की डिजिटल ताकत का प्रमाण
स्पाइस मनी के सीईओ दिलीप मोदी ने कहा कि त्योहारी सीजन जैसे पीक सेल पीरियड्स में भी UPI ट्रांजैक्शन की निरंतर वृद्धि यह दर्शाती है कि भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम कितने मजबूत हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “UPI अब केवल एक पेमेंट माध्यम नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है। यह दर्शाता है कि डिजिटल पेमेंट अब शहरों से लेकर गांवों तक पूरी तरह अपनाया जा चुका है।”
वर्तमान में भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में 85% ट्रांजैक्शन UPI के माध्यम से होते हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर रियल-टाइम पेमेंट्स में भारत का योगदान लगभग 50% है।
अब सात देशों में चल रहा है भारतीय UPI, फ्रांस बना यूरोप का पहला देश
UPI की सफलता अब सीमाओं के पार पहुंच चुकी है। वर्तमान में यह 7 देशों – UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस में संचालित हो रहा है। खास बात यह है कि फ्रांस में UPI की लॉन्चिंग यूरोप में इसकी पहली मौजूदगी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारतीय UPI मॉडल अन्य देशों के लिए भी एक ग्लोबल बेंचमार्क बनेगा।
भारत सरकार और NPCI लगातार इसे और देशों में विस्तारित करने पर काम कर रहे हैं, ताकि भारतीय नागरिक विदेशों में भी आसान, सुरक्षित और तत्काल डिजिटल भुगतान का लाभ उठा सकें।







