मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक साधारण सोशल मीडिया संदेश ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। अहमदपुर खाईगांव गांव, थाना मोगट रोड क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को सिर्फ इंस्टाग्राम पर “हाय” (Hii) भेजने के कारण बुरी तरह पीटा गया। युवक की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना रविवार की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
इंस्टाग्राम पर भेजे गए मैसेज से शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, छुट्टी के दिन घर पर मौजूद दीनेश पाल नामक युवक ने अपनी पड़ोसी महिला को इंस्टाग्राम पर “हाय” संदेश भेजा। दीनेश के मुताबिक, वह महिला पहले से ही उसकी पोस्ट को लाइक करती थी और हाल ही में उसे फॉलो भी किया था। इसलिए उसने भी फॉलो बैक किया और बातचीत शुरू करने के लिए एक सामान्य अभिवादन संदेश भेजा। लेकिन कुछ ही घंटों में यह साधारण बातचीत झगड़े में बदल गई। दीनेश के अनुसार, जब वह खेतों की ओर गया, तभी महिला के परिवार और कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और बिना कुछ पूछे उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।

लाठी-डंडों से की गई पिटाई, अस्पताल में भर्ती
दीनेश ने बताया कि हमलावरों ने उसे लाठी और रॉड से इतना पीटा कि वह खून से लथपथ हो गया। सूचना मिलते ही मोगट पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को हमलावरों से बचाकर जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, दीनेश के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुआ है तथा सिर पर सात टांके लगे हैं। डॉक्टर कल्पे ने बताया कि फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर है, लेकिन उसे कुछ दिनों तक आराम की जरूरत है। इस घटना ने ग्रामीणों के बीच गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं लोग इसे सोशल मीडिया के “गलतफहमी वाले खतरे” के रूप में देख रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, दोनों पक्षों से पूछताछ जारी
थाना प्रभारी धिरेश धरवाल ने बताया कि आरोपी सूरज और उसके चार साथियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 296, 115, 351 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, आरोपी सूरज ने भी पलटवार करते हुए दीनेश के खिलाफ क्रॉस-एफआईआर दर्ज कराई है। सूरज का आरोप है कि दीनेश उसकी पत्नी को बार-बार संदेश भेजकर परेशान कर रहा था। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के बयान लेकर जांच कर रही है।
घटना के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे “ओवररिएक्शन” बताया, जबकि कुछ ने सोशल मीडिया पर व्यवहार को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुलिस इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई करे ताकि छोटी-छोटी गलतफहमियां हिंसा का रूप न ले सकें।







