अक्सर लोग यह सोचकर घबरा जाते हैं कि क्रेडिट कार्ड पेमेंट एक दिन भी लेट हो गया तो कहीं क्रेडिट स्कोर खराब न हो जाए। लेकिन असलियत इससे थोड़ी अलग है। पेमेंट देरी से जुड़े कुछ नियम हैं, जिन्हें समझना जरूरी है ताकि आप भ्रम में न रहें और अपनी फाइनेंशियल हैल्थ को सही दिशा में रख सकें।
क्या एक दिन की देरी से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है?
ज़्यादातर बैंक और क्रेडिट ब्यूरो केवल उसी पेमेंट को “लेट पेमेंट” मानते हैं, जो कम से कम 30 दिन तक बकाया रहता है।
इसका मतलब:
- 1 दिन की देरी क्रेडिट रिपोर्ट में रिकॉर्ड नहीं होती।
- आपका क्रेडिट स्कोर इससे प्रभावित नहीं होता।
इसलिए अगर आपकी पेमेंट डेट सोमवार है और आप मंगलवार को पेमेंट कर देते हैं, तो स्कोर के हिसाब से यह कोई नुकसान नहीं करता।
बैंक का ग्रेस पीरियड कैसे काम करता है?
कई बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ ग्राहकों को एक छोटा ग्रेस पीरियड देती हैं।
इसमें:
- एक दिन या कभी-कभी कुछ घंटे की देरी को भी “लेट” नहीं माना जाता।
- लेकिन यह हर बैंक की पॉलिसी पर निर्भर करता है, इसलिए अपने कार्ड की शर्तों को जरूर पढ़ें।
स्कोर भले न गिरे, पर लेट फीस लग सकती है
भले ही आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर असर न पड़े, लेकिन बैंक लेट फीस वसूल सकते हैं।
- यह फीस बहुत ज्यादा नहीं होती,
- लेकिन बार-बार पेमेंट लेट होने पर यह बढ़कर आपकी जेब पर बोझ बन सकती है।
यानी स्कोर तो नहीं गिरेगा, पर पैसे जरूर कटेंगे!
कब क्रेडिट स्कोर पर भारी असर पड़ता है?
क्रेडिट स्कोर पर असर तब पड़ता है जब पेमेंट लंबे समय तक पेंडिंग रहे:
- 30 दिन की देरी → स्कोर गिरने की शुरुआत
- 60 दिन की देरी → स्कोर में भारी गिरावट
- 90 दिन या उससे अधिक → कार्ड ब्लॉक होने या रिकवरी कॉल आने जैसी समस्याएँ
इसलिए देरी को कभी आदत न बनने दें।
पेमेंट भूल जाते हैं? यह उपाय करें
कई लोग व्यस्त जीवन में ड्यू डेट भूल जाते हैं। इससे बचने के लिए आप:
ऑटो-डेबिट/ऑटो-पेमेंट सेट करें
ड्यू डेट पर रकम अपने आप कट जाएगी और भूलने की चिंता खत्म।
रिमाइंडर लगाएँ
मोबाइल कैलेंडर या बैंक ऐप में नोटिफिकेशन सेट करें।
मिनिमम पेमेंट तो जरूर दें
पूरी राशि न हो तो कम से कम मिनिमम पेमेंट कर दें। इससे अकाउंट “डिफॉल्ट” में नहीं जाता।







