Tatkal Ticket New Rule: इंडियन रेलवे ने टिकटिंग प्रक्रिया को और सुरक्षित व पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब रेलवे काउंटर से बुक किए जाने वाले तत्काल टिकट भी OTP वेरिफिकेशन के बाद ही जारी किए जाएंगे। रेलवे का कहना है कि यह बदलाव यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और टिकटों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।
रेलवे का नया फैसला क्यों?
भारतीय रेलवे के अनुसार, तत्काल टिकटों में कई बार गलत मोबाइल नंबर या फर्जी जानकारी का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे असली यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। OTP-बेस्ड वेरिफिकेशन लागू होने से—
- टिकट बुकिंग पारदर्शी होगी,
- दलालों द्वारा गलत इस्तेमाल कम होगा,
- और सही मोबाइल नंबर पर टिकट का वैध विवरण पहुंचेगा।
रेलवे ने बताया कि यह सिस्टम कुछ दिनों में पूरे देश के सभी आरक्षण काउंटरों पर लागू कर दिया जाएगा।
ऑनलाइन और जनरल टिकटों में पहले से लागू है सिस्टम
जुलाई 2024 में रेलवे ने ऑनलाइन तत्काल टिकटों के लिए आधार-OTP आधारित वेरिफिकेशन लागू किया था।
अक्टूबर में इसे सभी ऑनलाइन जनरल आरक्षण टिकटों पर भी लागू कर दिया गया।
यात्रियों ने इन दोनों बदलावों को काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद रेलवे ने इसे काउंटर टिकटों पर भी लागू करने का फैसला किया।
52 ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट सफल
नवंबर से रेलवे ने काउंटर तत्काल टिकटों के लिए OTP सिस्टम को पायलट आधार पर शुरू किया था।
फिलहाल यह सिस्टम 52 ट्रेनों में सफलतापूर्वक लागू है। टेस्टिंग के बाद अब इस सुविधा को पूरे नेटवर्क पर बढ़ाया जा रहा है।
काउंटर टिकट के लिए OTP सिस्टम कैसे काम करेगा?
रेलवे नोटिफिकेशन के अनुसार:
- यात्री काउंटर पर तत्काल टिकट भरते समय अपना सही मोबाइल नंबर दर्ज करेंगे।
- उसी मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा।
- OTP वेरिफिकेशन पूरा होते ही टिकट जारी किया जाएगा।
रेलवे का कहना है कि यह प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और फर्जी बुकिंग रोकने में प्रभावी होगी।
तत्काल टिकट कब बुक होते हैं?
तत्काल टिकट बुकिंग यात्रा की तारीख से एक दिन पहले खुलती है—
- AC क्लास: सुबह 10:00 बजे
- Non-AC क्लास: सुबह 11:00 बजे
उदाहरण:
यदि यात्रा 12 दिसंबर को है, तो AC तत्काल टिकट 11 दिसंबर सुबह 10 बजे, और Non-AC टिकट 11 बजे बुक किए जा सकते हैं।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
- फर्जी बुकिंग पर रोक
- बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता
- टिकट का सही विवरण सीधे यात्री तक
- अनावश्यक विवाद और रद्दीकरण की समस्याओं में कमी
रेलवे का दावा है कि यह कदम तत्काल टिकटों को और विश्वसनीय और सुरक्षित बनाएगा।







