Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस की गंभीर चूक सामने आई है। POCSO केस में आरोपी बिजनेसमैन की जगह उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया। इतना ही नहीं, युवक को लगभग 30 घंटे तक हिरासत में रखा गया और हथकड़ी भी पहनाई गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरा मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी को तलब किया है।
आरोपी पिता की जगह बेटे को थमा दी हथकड़ी
चंदन नगर पुलिस ने जिस बिजनेसमैन संजय दुबे के खिलाफ रेप और गर्भधारण कराने के आरोप में POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया था, उसकी जगह गलती से उसके बेटे राजा को गिरफ्तार कर लिया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक को हथकड़ी पहनाई गई है और पुलिस हिरासत में रखा गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने युवक को लगभग 30 घंटे तक हिरासत में रखा, जबकि वह केस से जुड़ा आरोपी नहीं था।
वीडियो वायरल होते ही उठे सवाल
जैसे ही हथकड़ी और हिरासत का वीडियो सामने आया, पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह मुद्दा सीधे हाई कोर्ट पहुंचा, जहां पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई गई।
हाई कोर्ट ने लिया सख्त संज्ञान
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने वीडियो देखने के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने TI इंद्रमणि पटेल को तलब किया है और उन्हें 4 दिसंबर को CCTV फुटेज के साथ अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही न केवल कानून के दुरुपयोग को दर्शाती है, बल्कि आरोपित व्यक्ति के मूल अधिकारों का भी गंभीर उल्लंघन है।
पुलिस विभाग पर बढ़ा दबाव
घटना के बाद पुलिस विभाग पर पारदर्शी जांच का दबाव बढ़ गया है।
यह सवाल भी उठ रहे हैं कि—
- आरोपी की सही पहचान की पुष्टि किए बिना गिरफ्तारी क्यों की गई?
- POCSO जैसे संवेदनशील केस में इस तरह की गलती कैसे हो सकती है?
- 30 घंटे तक हिरासत में रखने का आधार क्या था?
पुलिस प्रशासन फिलहाल मामले की आंतरिक जांच कर रहा है, लेकिन हाई कोर्ट की सख्ती के बाद इसमें तेजी आने की उम्मीद है।







