आज के डिजिटल युग में हमारे बैंकिंग डिटेल्स से लेकर सोशल मीडिया अकाउंट तक सब कुछ हमारे मोबाइल फोन में सेव होता है। ऐसे में फोन चोरी होना एक बड़ी समस्या बन गई है। चोरी हुए फोन का दुरुपयोग न हो, इसके लिए Google ने Android फोन के लिए theft protection यानी चोरी सुरक्षा अपडेट्स जारी किए हैं। इन अपडेट्स के जरिए चोरी हुए फोन का उपयोग करना और भी मुश्किल हो जाएगा। इससे न सिर्फ यूजर का डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि वह समय रहते सही कदम भी उठा सकेगा।
Android फोन के लिए नई सुरक्षा सुविधाएं
Google ने Android डिवाइस की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इनमें से कुछ फीचर्स केवल Android 16 या उसके बाद के वर्जन वाले फोन में उपलब्ध होंगे, जबकि कुछ Android 10 और इसके बाद के वर्जन वाले फोन में भी काम करेंगे। सबसे बड़ा बदलाव ऑथेंटिकेशन से जुड़ा है। फिलहाल, अगर कोई फोन कई बार गलत पासवर्ड या पैटर्न डालता है तो वह लॉक हो जाता है। नए अपडेट में एक नया फीचर ‘failed authentication lock’ जोड़ा गया है, जिसे यूजर अपनी सेटिंग्स में ऑन या ऑफ कर सकता है। यह फीचर सुरक्षा को और भी सशक्त बनाएगा।
बायोमेट्रिक सिक्योरिटी और अन्य नए विकल्प
Google ने बायोमेट्रिक सिक्योरिटी में भी सुधार किया है। अब नया ‘identity check’ फीचर सिर्फ फोन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि थर्ड पार्टी ऐप्स तक भी फैला दिया गया है। इसका मतलब यह है कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति बिना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के महत्वपूर्ण ऐप्स या फीचर्स का उपयोग नहीं कर पाएगा, खासकर जब वह फोन ट्रस्टेड लोकेशन के बाहर हो। साथ ही, Google ने PIN और पैटर्न गेस करने पर लगने वाले लॉकआउट टाइम को भी बढ़ा दिया है, जिससे गलत प्रयासों पर फोन जल्दी लॉक हो जाएगा।
बेहतर रिकवरी टूल्स से हुई सुरक्षा में बढ़ोतरी
Google ने Android के रिकवरी टूल्स को भी बेहतर बनाया है। अब रिमोट लॉक फीचर में एक नया ऑप्शन जोड़ा गया है, जिसमें यूजर को फोन अनलॉक करने से पहले एक सिक्योरिटी क्वेश्चन का जवाब देना होगा। यह कदम फोन के गलत उपयोग को रोकने में मदद करेगा। इससे चोरी हुए या खोए हुए फोन का दुरुपयोग कम होगा और यूजर को फोन रिकवर करने में आसानी होगी। कुल मिलाकर, Google ने theft protection की सुविधाओं को पूरी तरह अपडेट किया है ताकि यूजर की सुरक्षा और डाटा की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सके।







