आजकल ज्यादातर लोग मानते हैं कि अगर वे हर सुबह 20-30 मिनट पैदल चलें तो उनका दिल हमेशा स्वस्थ रहेगा। पैदल चलना सच में फायदेमंद होता है, लेकिन सिर्फ चलना ही दिल की सेहत की गारंटी नहीं है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए एक समग्र और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। इसमें सही आहार, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद, तनाव नियंत्रण, सही आदतें और सकारात्मक सोच शामिल हैं। दिल की बीमारियां आज जीवनशैली से जुड़ी गंभीर समस्याओं में से एक बन चुकी हैं। गलत खानपान, बिना शारीरिक सक्रियता के बैठना, तनाव, धूम्रपान, शराब और कम नींद दिल की सेहत को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं। अच्छी खबर यह है कि अगर समय रहते उचित कदम उठाए जाएं तो दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सही आहार और व्यायाम से दिल को रखें मजबूत
दिल की सेहत के लिए सबसे जरूरी है सही भोजन। विशेषज्ञ कहते हैं कि हमारे खाने का सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है। ज्यादा तली-भुनी, पैकेज्ड और शक्कर वाली चीजें दिल की धमनियों में चर्बी जमा कर सकती हैं। इसलिए अपने आहार में पालक, लौकी, भिंडी, गाजर जैसे हरे सब्जियां, सेब, संतरा, अमरूद, पपीता जैसे ताजे फल, जई, ब्राउन राइस, दालें, चना, राजमा, मूंग जैसी साबुत अनाज और अखरोट, अलसी, जैतून का तेल जैसे अच्छे फैट्स शामिल करें। केवल सुबह की सैर ही पर्याप्त नहीं है, दिल को मजबूत रखने के लिए तेज चलना, हल्की दौड़, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना, योग-प्राणायाम और हल्के वजन की ट्रेनिंग जरूरी है। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की हल्की या 75 मिनट की जोरदार कसरत करनी चाहिए।
वजन, नमक और बुरी आदतों पर रखें नियंत्रण
अधिक वजन भी दिल पर दबाव बढ़ाता है। मोटापा उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसे खतरे को बढ़ाता है जो सीधे दिल की बीमारी से जुड़ी होती हैं। इसलिए वजन को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए सही आहार और नियमित व्यायाम सबसे कारगर उपाय हैं। देर रात खाने से बचें और मिठाइयों को सीमित करें। इसके साथ ही नमक और सोडियम का सेवन कम करें क्योंकि अधिक नमक से रक्तचाप बढ़ता है जो दिल के लिए खतरनाक होता है। पैकेज्ड, कैन फूड और ज्यादा नमकीन चीजों से बचें। खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू, धनिया और मसालों का प्रयोग करें। धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूर रहें क्योंकि ये दिल की धमनियों को कड़ा कर ऑक्सीजन की आपूर्ति कम कर देते हैं जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
तनाव, नींद और स्वास्थ्य जांच की अहमियत
तनाव को हल्के में न लें। लगातार तनाव से दिल की धड़कन तेज होती है और रक्तचाप बढ़ता है जिससे दिल को नुकसान पहुंच सकता है। तनाव कम करने के आसान उपायों में गहरी सांस लेना, ध्यान, योग, प्रकृति के बीच समय बिताना और परिवार एवं मित्रों से खुलकर बात करना शामिल है। पर्याप्त नींद लेना भी दिल की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। जो लोग कम सोते हैं, उन्हें हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा होता है। रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद दिल को आराम देती है और शरीर की मरम्मत में मदद करती है। सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूर रहना फायदेमंद होता है। इसके अलावा समय-समय पर रक्तचाप, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना भी जरूरी है ताकि किसी भी समस्या को जल्द पकड़ा जा सके और सही इलाज किया जा सके।







